Asian Games 2026: मेरठ की बेटियों की एशियाड में पदक पर निगाहें; प्रियंका, पारुल, अन्नू व नीरू हैं भारतीय दल का हिस्सा
Asian Games 2026: मेरठ की चार महिला एथलीट अन्नू रानी, पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी और नीरू पाठक एशियन गेम्स में भारतीय दल का हिस्सा हैं।

प्रियंका गोस्वामी, पारुल और अन्नू रानी। फाइल फोटो
HighLights
अन्नू रानी, प्रियंका और पारुल की ओलिंपियन तिकड़ी पर रहेंगी नजरें।
मेरठ में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं नीरू भी भारतीय दल का हिस्सा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से एशियाई खेल 2026 का शुभारंभ होगा। इन खेलों के मंच पर एक बार फिर जिले की बेटियों का दम दिखाई देगा। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में जिले की तीन ओलिंपियन अन्नू रानी, प्रियंका गोस्वामी और पारुल चौधरी को जगह मिली है।
इनके साथ मेरठ में प्रशिक्षण कर रहीं अलीगढ़ निवासी नीरू पाठक भी भारतीय महिला चार गुणे 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा बनी हैं। ऐसे में एशियाड में मेरठ की मौजूदगी सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं, बल्कि पदक की उम्मीदों से जुड़ी है। भारतीय दल के एथलेटिक्स टीम में 77 महिला-पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं।
महिला एथलेटिक्स में मेरठ की इन चार खिलाड़ियों का चयन शहर के लिए विशेष उपलब्धि है। अन्नू, प्रियंका और पारुल जहां व्यक्तिगत स्पर्धाओं में सीधे पदक की लड़ाई लड़ेंगी, वहीं नीरू रिले टीम के साथ भारत की पदक दावेदारी मजबूत करेंगी।
अन्नू के सामने अनुभव के साथ प्रदर्शन सुधारने की चुनौती
जैवलिन थ्रो में अन्नू रानी भारतीय एथलेटिक्स की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में जून में भुवनेश्वर में आयोजित इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने 56.74 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि यह एशियाई खेलों के क्वालिफिकेशन मार्क 57.62 मीटर से कम रहा।
ऐसे में अन्नू को पदक की दौड़ में आने के लिए अपने मौजूदा प्रदर्शन से आगे जाना होगा। अन्नू का राष्ट्रीय रिकार्ड 63.82 मीटर है, जो उन्होंने 2022 में बनाया था। अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता उनके पक्ष में है। एशियाई खेलों में उनसे एक बार फिर अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर के करीब प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
तीन स्पर्धाओं में पारुल, पदक के तीन मौके
पारुल चौधरी के लिए एशियन गेम्स बेहद अहम होंगे। उन्हें 1500 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर में भारतीय टीम में जगह मिली है। यानी उनके पास पदक के लिए तीन अलग-अलग मौके होंगे। पारुल की सबसे बड़ी ताकत इस समय उनकी रफ्तार और निरंतरता है। जून 2026 में उन्होंने 5000 मीटर में 15:04.26 का समय निकालकर अपना और देश का राष्ट्रीय रिकार्ड बेहतर किया।
3000 मीटर स्टीपलचेज में भी उनके नाम 9:12.46 का राष्ट्रीय रिकार्ड है। शंघाई डायमंड लीग में उन्होंने 9:12.84 का समय निकालकर सातवां स्थान हासिल किया था। इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने 1500 मीटर का स्वर्ण 4:20.45 के समय के साथ जीता।
वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में 5000 मीटर का स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज का रजत जीत चुकी पारुल इस बार भी पदक की मजबूत दावेदार हैं। तीन स्पर्धाओं में चयन उन्हें भारतीय पदक अभियान की सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल करता है।
प्रियंका के लिए नई स्पर्धा, अनुभव सबसे बड़ा हथियार
रेस वाकिंग में प्रियंका गोस्वामी को महिला फुल मैराथन रेस वाक के लिए चुना गया है। यह प्रारूप उनके लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ नया अनुभव भी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी दूरी की रेस वाकिंग का अनुभव उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अप्रैल में ब्रासीलिया में वर्ल्ड एथलेटिक्स रेस वाकिंग टीम चैंपियनशिप में प्रियंका ने 3:43:01 का समय निकालकर व्यक्तिगत स्पर्धा में 10वां स्थान हासिल किया था।
उन्होंने भारतीय टीम को छठे स्थान तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले फरवरी में इंडियन ओपन में उन्होंने 3:37:25 के समय के साथ रजत पदक जीता था। एशियाई खेलों में प्रियंका के सामने चुनौती सिर्फ पदक जीतने की नहीं होगी, बल्कि नई स्पर्धा में रेस मैनेजमेंट, गति और ऊर्जा को अंतिम चरण तक बनाए रखने की भी होगी।
रिले में नीरू होंगी अहम कड़ी
मेरठ में प्रशिक्षण कर रहीं अलीगढ़ निवासी नीरू पाठक को महिला चार गुणे 400 मीटर रिले टीम में जगह मिली है। रिले में व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ बैटन एक्सचेंज, लेन अनुशासन और टीम की सामूहिक टाइमिंग निर्णायक होती है। ऐसे में नीरू भारतीय टीम की अहम कड़ी साबित हो सकती हैं।
रिले में कुछ सेकंड का अंतर पदक और चौथे स्थान के बीच फैसला कर सकता है। नीरू का चयन मेरठ के ट्रैक एंड फील्ड से जुड़ी प्रतिभाओं की मजबूत उपस्थिति को भी दर्शाता है।
जापान पर टिकी हैं मेरठ की निगाहें
अन्नू रानी का अनुभव, प्रियंका की लंबी दूरी की क्षमता, पारुल की तीन स्पर्धाओं में दावेदारी और नीरू की रिले में जिम्मेदारी, चारों खिलाड़ियों की भूमिकाएं अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक है, भारत के लिए पदक जीतना।
मेरठ के खेल जगत के लिए यह एशियन गेम्स इसलिए भी खास हैं क्योंकि शहर की तीन ओलिंपियन बेटियां एक ही भारतीय दल में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उतरेंगी।
पारुल के पास पिछले एशियाड की सफलता दोहराने का मौका है, अन्नू के सामने अपने अनुभव को बड़े प्रदर्शन में बदलने की चुनौती है और प्रियंका नई रेस वाक स्पर्धा में अपनी पहचान मजबूत करना चाहेंगी। वहीं नीरू रिले टीम के साथ पदक की दौड़ में उतरेंगी।
