मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति की कारसेवा को शंखनाद, राजस्थान से आए गुलाबी पत्थर और दूसरे शहरों से संत
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए कारसेवा का शंखनाद रविवार को होगा, जिसमें संत-महंत हवन-पूजन करेंगे। राजस्थान से गुलाबी पत्थर मंगाए गए है ...और पढ़ें

श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए मंगाए गए राजस्थान से गुलाबी पत्थर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए कारसेवा का शंखनाद रविवार को होगा। गोवर्धन के जुल्हैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में संत-महंतों की अगुवाई में हवन पूजन होगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से पत्थर मंगा लिए गए हैं, लेकिन शिलापूजन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डा. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने चार जुलाई को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर अयोध्या के राम मंदिर की तरह कारसेवा की घोषणा की थी। इसका समर्थन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी किया। नौ अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कारसेवा की घोषणा की गई। इसे लेकर प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई। बाद में श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को देख कारसेवा स्थगित कर दी गई।
इधर, डा. सच्चिदानंद महाराज ने संतों की इच्छा को देख जन्मस्थान पर कारसेवा रोक दी, लेकिन अपने आश्रम पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नए मंदिर के निर्माण में उपयोग करने के लिए राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से गुलाबी पत्थर मंगाए। शुक्रवार देर रात पांच सौ घनमीटर पत्थर भी पीठ के आश्रम में पहुंच गए।
इन पत्थरों को मंदिर के लिए तराशने का काम शुरू होना था, लेकिन अब शनिवार को कारसेवा का शंखनाद होगा। अयोध्या, मुंबई, हरिद्वार, दिल्ली और वृंदावन के संत-महंत की अगुवाई में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को जल्द मुक्त करने की कामना के साथ शंखनाद और हवन पूजन होगा।
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डा. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि सुबह नौ बजे से कार्यक्रम शुरू होगा। पत्थर मंगा लिए गए हैं, लेकिन फिलहाल शिलापूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया है। अन्य संतों की सहमति से श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कारसेवा की तिथि बाद में घोषित की जाएगी।