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पीएम किसान सम्मान निधि पर संकट, योजना की पात्रता सूची से कट सकता है हजारों किसानों का नाम

Published: Tue, 08 Sep 2026 09:06 AM (IST)

मथुरा में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत 10,373 किसान लापता पाए गए हैं, जिससे उनकी किसान सम्मान निधि कटने का खतरा है।

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जागरण संवाददाता, मथुरा। फार्मर रजिस्ट्री अभियान में जिले के 10,373 किसानों का सत्यापन विभाग के लिए पहेली बन गया है। करीब एक वर्ष से चल रहे अभियान में 88 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री तैयार हो चुकी है, जबकि शेष मामलों में बड़ी संख्या में किसान मौके पर नहीं मिल रहे हैं।

अब इन किसानों की गांव-गांव सर्वे कर वास्तविक स्थिति पता की जा रही है। सत्यापन नहीं होने और पात्रता की पुष्टि न होने की स्थिति में इनके नाम किसान सम्मान निधि की पात्रता सूची से हटाए जाएंगे।

फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की भूमि, स्वामित्व और अन्य जरूरी विवरणों को डिजिटल रिकार्ड से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के साथ भूमि और किसान संबंधी रिकार्ड को व्यवस्थित करना है।

फार्मर रजिस्ट्री अभियान में अभी करीब 27,231 किसानों के नाम में अंतर अथवा भूमि के अंश निर्धारण की समस्या सामने आ रही है। राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध कराई जा रही जानकारी में अंतर के कारण इन किसानों की रजिस्ट्री पूरी करने में अड़चन आ रही है।

एक तरफ विभाग को नाम और अंश संबंधी विसंगतियां दूर करनी हैं, दूसरी ओर 10,373 किसानों का सत्यापन कराना चुनौती बना हुआ है। ये किसान किसी बाहरी जिलों में रहने के लिए चले गए हैं।

इन मामलों में यह भी जांच की जाएगी कि किसान गांव से बाहर रह रहा है, तो क्या भूमि का स्वामित्व बदल चुका है या राजस्व अभिलेख में दर्ज विवरण वर्तमान स्थिति से मेल नहीं खा रहा या नहीं।

फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं होने का असर किसान सम्मान निधि की पात्रता सूची से इनका नाम कट जाएगा। फिलहाल तो आस-पड़ौस में पूछताछ कर इन किसानों से संपर्क किया जा रहा है।

गांव-गांव जाकर होगी किसानों का सर्वे

मौके पर नहीं मिल रहे किसानों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गांव स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है। कृषि और राजस्व विभाग के स्तर से उपलब्ध रिकार्ड का मौके की स्थिति से मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का जोर पहले पात्र किसानों की पहचान सुनिश्चित करने और रिकार्ड की विसंगतियां दूर करने पर है।

इस प्रक्रिया से यह पता किया जा सकेगा कि रिकार्ड में दर्ज किसान वर्तमान में संबंधित भूमि का वास्तविक स्वामी और खेती करने वाला किसान है या नहीं।

फार्मर रजिस्ट्री अभियान जारी है। जिले में 2.73 लाख किसानों की रजिस्ट्री तैयार हो चुकी है। शेष मामलों में नाम और अंश निर्धारण संबंधी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। करीब 10 किसानों का मौके पर सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए सत्यापन कराया जाएगा।

-आवेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी