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    वृंदावन में ई-रिक्शा में घूमे कुमार विश्वास, नाम संकीर्तन में हुए शामिल; 'साध्वी ऋतंभरा और राम जन्मभूमि आंदोलन' पुस्तक का किया विमोचन

    Updated: Sun, 17 May 2026 08:23 AM (IST)

    कवि डॉ. कुमार विश्वास और साध्वी ऋतंभरा ने साहित्यकार देवेंद्र शुक्ल की पुस्तक 'साध्वी ऋतंभरा और राम जन्मभूमि आंदोलन' का विमोचन किया। डॉ. विश्वास ने इस ...और पढ़ें

    वृंदावन में नाम संकीर्तन में शामिल हुए डॉक्टर कुमार विश्वास।

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    संवाद सहयोगी, वृंदावन पद्मविभूषण साध्वी ऋतंभरा के जीवन पर आधारित साहित्यकार देवेंद्र शुक्ल द्वारा लिखित पुस्तक साध्वी ऋतंभरा और राम जन्मभूमि आंदोलन का विमोचन कवि डा. कुमार विश्वास व साध्वी ऋतंभरा ने संयुक्त रूप से किया।
    वात्सल्य ग्राम के समविद् गुरुकुलम में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम पुस्तक विमोचन करते हुए कवि डॉ. कुमार विश्वास ने पुस्तक को राम जन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक पक्षों को जनमानस तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया।

    समविद् गुरुकुलम में साध्वी ऋतंभरा और राम जन्मभूमि आंदोलन पुस्तक का किया विमोचन

    कुमार विश्वास ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा एवं लोक मंगलकारी व्यक्तित्व को अत्यंत सरल एवं काव्यमयी शैली में समक्ष प्रस्तुत किया। साध्वी ऋतंभरा ने भोजशाला आंदोलन व श्रीराम मंदिर निर्माण से पहले के संघर्षपूर्ण समय में अपने योगदान एवं अनुभवों को साझा किया। विद्यालय व्यवस्थापक संजय भैया, निर्देशिका सुमनलता, साध्वी साक्षी, कमांडेंट आफ समविद ग्रुप स्कूल आईजी एचके शर्मा, डॉ. उमाशंकर राही मौजूद रहे।

    ई-रिक्शा में घूमे कुमार विश्वास, यमुना किनारे नाम संकीर्तन में हुए शामिल

    वृंदावन। कवि डॉ. कुमार विश्वास पत्नी डॉ. मंजू शर्मा के साथ दो दिन के प्रवास पर वृंदावन में हैं। दोपहर को डॉ. विश्वास ने वात्सल्य ग्राम के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके बाद वे वृंदावन के मंदिरों के दर्शन को निकले। ई-रिक्शा में बैठ पति-पत्नी ने सबसे पहले रंगजी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यहां से वे यमुना किनारे पहुंचे और हरिनाम संकीर्तन की गूंज पर जमकर आनंद उठाया। ई-रिक्शा में बैठे डॉ. कुमार विश्वास को देख लोग उनके समीप पहुंचने की कोशिश करते रहे।

    भोजशाला पर कोर्ट का निर्णय आज सौभाग्य का पर्व

    भोजशाला पर न्यायालय के आदेश की सराहना करते हुए कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा आज सौभाग्य का पर्व है कि भोजशाला का निर्णय न्याय संहिता के अनुसार प्राप्त हुआ है। मेरा सौभाग्य है मुझे कई बार वहां दर्शन का मौका मिला। वात्सल्य ग्राम में शनिवार को पुस्तक विमोचन समारोह में पहुंचे कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा भोजशाला के साथ में आशा करता हूं कि जो शेष जो भारतीय अस्मिता के गौरव चिन्ह हैं, चाहे वह काशी हो या मथुरा में हो।

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    डीएनए भारतीय का ही है

    कुमार ने कहा, भारतीय समाज में किसी भी समाज को चाहे वह हमारे अल्पसंख्यक भाई हों, उन्हें ये सुबुद्धि आए कि वह भी भारत के ही हिस्से हैं। कुछ सौ वर्ष पहले किसी दुर्घटना के कारण उन्होंने किसी दूसरे मत में आस्था व्यक्त की है। लेकिन, उनका डीएनए भारतीय का ही है प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण का ही है।

    ओवैसी से प्रार्थना, वे पढ़े लिखे हैं और देश की संस्कृति का इतिहास पढ़ें

    ओवैसी द्वारा भोजशाला पर आए निर्णय को असंवैधानिक बताए जाने के सवाल पर डा. विश्वास ने कहा ओवैसी से मेरी प्रार्थना है, वे पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं। मुझे उनसे उम्मीद है वे भारतीय संस्कृति का इतिहास पढ़ें और अपने कुलवंश का भी इतिहास पढ़ें। जिसमें चार वंश बाद पढ़ने पर उन्हें स्वयं भी इसी परंपरा में खड़े होने का बोध होगा। वह भी भगवती के सामने इसी तरह नतमस्तक होंगे, जिस तरह उनके परदादा के पिताजी नतमस्तक होते थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता से पेट्रो पदार्थों के कम इस्तेमाल, सोना कम खरीदने की अपील पर कहा प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च कार्यकारी हैं, विश्व के खतरे से परिचित हैं।