ब्रज के गोकुल-बलदेव में बनेंगे दो हेलीपैड, धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
ब्रज के गोकुल और बलदेव में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो नए हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और वीवीआईपी को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
गोकुल-बलदेव में दो नए हेलीपैड निर्माण की योजना।
प्रत्येक हेलीपैड पर लगभग 90 लाख रुपये का खर्च।
वीवीआईपी और श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर हवाई सुविधा।
राकेश शर्मा, मथुरा। ब्रज की धार्मिक पर्यटन पट्टी गोकुल-बलदेव को अब हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक सीधी और सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के लिए दो हेलीपैड बनाए जाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
एक हेलीपैड गोकुल में रसखान समाधि स्थल के समीप और दूसरा बलदेव के मेला स्थल के पास बनाया जाएगा। दोनों के लिए तीन-तीन हजार वर्गमीटर जमीन चिन्हित कर ली गई है।
गोकुल और बलदेव ब्रज की धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखते हैं। गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े अनेक स्थल हैं, वहीं बलदेव में दाऊजी महाराज का प्रसिद्ध मंदिर और वार्षिक लक्खी मेला देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
इसके अलावा इस पट्टी में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के कई अन्य स्थल भी हैं। पर्यटन की संभावनाओं के बावजूद मथुरा शहर से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का अभाव लंबे समय से चुनौती बना हुआ है।
इन्हीं सबको देखते हुए क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश के प्रस्ताव पर लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड-1 ने डीपीआर और टेंडर के लिए शासन से स्वीकृति मांगी है। हेलीपैड बनने से गोकुल और बलदेव में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इससे स्थानीय स्तर पर होटल, भोजन, परिवहन, प्रसाद, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबारों को भी लाभ मिलेगा। बलदेव के प्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों के दौरान भी हेलीपैड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसी तरह गोकुल में रसखान समाधि स्थल के आसपास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगी। इस क्षेत्र में अभी तक कार्ष्णि गुरु शरणानंद के आश्रम का हेलीपैड प्रयोग किया जाता रहा है।
फोरलेन सड़क की कमी बनी चुनौती
गोकुल-बलदेव क्षेत्र में अभी तक एक भी फोरलेन सड़क नहीं है। ऐसे में पर्यटन सीजन और प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होता है। सड़क मार्ग से आने वाले पर्यटकों को कई स्थानों पर संकरी सड़कों और यातायात दबाव का सामना करना पड़ता है।
इसी को देखते हुए हेलीपैड निर्माण की योजना को पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों की योजना है कि हेलीपैड तैयार होने के बाद विशेष अवसरों के साथ-साथ जरूरत के अनुसार पर्यटकों और अन्य यात्रियों के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध कराया जा सके।
90-90 लाख रुपये आएगी लागत
प्रस्तावित दोनों हेलीपैड के लिए तीन-तीन हजार वर्गमीटर जमीन चिन्हित की गई है। प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर करीब 90 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस तरह दोनों हेलीपैड के निर्माण की कुल अनुमानित लागत करीब 1.80 करोड़ रुपये होगी। इसका प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-1) की ओर से शासन को भेजा गया है।
गोकुल और बलदेव धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए दो हेलीपैड की कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही काम शुरू होगा। इससे इन महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों तक सीधी पहुंच बनाने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
-पूरन प्रकाश, विधायक बलदेव।
