विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vrindavan Banke Bihari Mandir: अदालत के आदेश को बांकेबिहारी मंदिर में दिखाया ठेंगा!, चंदन और सेवायतों की गद्दी से दर्शन हो रहे मुश्किल

By Vipin ParasharEdited By: Abhishek Saxena
Updated: Tue, 24 Oct 2023 07:18 AM (IST)

Court Order Defied In Banke Bihari Temple ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रांगण में जिन सेवायतों की सेवा नहीं हाेती है वे परिसर के अंदर अपनी गद्दी लगाकर श्र ...और पढ़ें

Mathura News: वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ का फाइल फोटो।
Mathura News: वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ का फाइल फोटो।

HighLights

  1. बांकेबिहारी मंदिर में आनलाइन व्यवस्था भी ठप
  2. मंदिर में सेवा न करने वालों का रहता है कब्जा

संवाद सहयोगी, वृंदावन: ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मंदिर प्रशासक सिविल जज जूनियर डिवीजन ने मंदिर परिसर व चबूतरा पर सेवायतों के अवैध अतिक्रमण और चंदन लगाने वाले लोगों को हटाए जाने के आदेश दो साल पहले प्रबंधक को दिए।

अदालत के आदेशों का पालन दो साल बाद भी अब तक नहीं हो सका है। मंदिर परिसर में सेवायतों का न तो अतिक्रमण ही हट सका, गद्दियां आज भी लगी हैं और चंदन लगाने वालों काे भी मंदिर से बाहर नहीं किया जा सका है।

यही कारण है मंदिर परिसर के अंदर श्रद्धालुओं का ठहराव हो जाता है और भीड़ नियंत्रण के शासन प्रशासन की हर कवायद फेल हो जाती है।

Read Also: Meerut News: दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते पॉल्यूशन से मेरठ की हवा हुई खराब, फैक्ट्रियों और घरों में डीजल जनरेटर प्रतिबंधित

मंदिर के अंदर सेवायतों की गद्दियां

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रांगण में जिन सेवायतों की सेवा नहीं हाेती है, वे परिसर के अंदर अपनी गद्दी लगाकर श्रद्धालुओं को पूजा करवाने व माला-प्रसाद अर्पित करने के लिए अपने पास खड़ा कर लेते हैं।

मंदिर के अंदर सेवायतों की गद्दियां श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। इतना ही नहीं परिसर के अंदर चंदन लगाने वालों की भी संख्या कम नहीं है। यही कारण है कि मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव हमेशा बना रहता है।

दर्शन के बाद पूजा-सेवा और चंदन लगाने के लिए श्रद्धालुओं को रोक लिया जाता है। जबकि बाहर हजारों श्रद्धालु बैरीकेडिंग पर मंदिर में जगह खाली होने का इंतजार करने को मजबूर होते हैं। चूंकि जब तक मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की संख्या कम नहीं होती। बाहर खड़े श्रद्धालुओं को एंट्री नहीं मिलती।

ऐसे में हजारों श्रद्धालु पट बंद होने तक दर्शन से वंचित रह जाते हैं। जबकि मंदिर के अंदर से सेवायतों के अतिक्रमण और चंदन लगाने वाले लोगों को बाहर करने के आदेश सिविल जज जूनियर डिवीजन ने 25 नवंबर 2011 को दी है। मामले में जब मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा से जानकारी करने की कोशिश की तो संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

Read Also: Taj Carnival: ताज कार्निवाल में 28 तक लीजिए हाट एयर बैलून की उड़ान का मजा, आज होगी डांडिया नाइट

ये दिया था आदेश

मंदिर परिसर में सेवायतों के अतिक्रमण और चंदन लगाने वाले लोगों को बाहर करने के आदेश सिविल जज जूनियर डिवीजन ने 25 नवंबर 2021 को दिए थे। प्रबंधक को दिए आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया था कि मंदिर परिसर व तबूतरा पर बैंच, स्टूल, टेबल, गद्दी तत्काल प्रभाव से हटवाए जाएं तथा मंदिर परिसर में न चंदन लगाने दिया जाए और न चंदन लगाने वालों को ही परिसर में रहने दें।