Updated: Mon, 25 Aug 2025 07:07 PM (IST)
मैनपुरी के किशनी में एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह अपनी बहन के साथ दवा लेकर लौट रही थी तभी एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। इससे गुस्साए ग्र ...और पढ़ें
संवाद सूत्र, किशनी। अपनी बहन के साथ दवा लेकर गांव लौट रही महिला को सड़क पार करते समय ट्रक ने टक्कर मार दी। इसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर करीब एक घंटे बाद बमुश्किल जाम खुलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं चालक ट्रक को लेकर फरार हो गया।
गांव खड़सरिया निवासी सुनील पुत्र विनोद कठेरिया ने बताया कि उनकी बहन अंजू देवी (35) पत्नी बंटू कठेरिया अपने पति और तीन बच्चों के साथ वर्तमान में नोएडा में रह रहीं थीं। उनके दांत में दर्द की शिकायत थी तो वह दो दिन पूर्व ही अपने दांत का उपचार कराने के लिए मायके आईं थीं। सोमवार को वह अपनी छोटी बहन आरती के साथ दांत का उपचार कराने पड़ोस के कस्बा ऊसराहार इटावा गईं थीं। वहां से दवा लेकर दोनों बहन विधूना मार्ग की बस में बैठकर अपने गांव आईं। यहां दोपहर में करीब 2:30 बजे बस से उतरने के बाद वह सड़क पार करके गांव की ओर जा रहीं थीं कि तभी किशनी की तरफ से आ रहे ट्रक चालक ने अंजू को टक्कर मार दी। इससे अंजू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं आरती को भी मामूली चोटें आई हैं।
जब तक कोई कुछ समझ पाता कि ट्रक चालक ट्रक सहित फरार हो गया। स्वजन को हादसे की सूचना मिली तो वह ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां आक्रोशित स्वजन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। घटना स्थल पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने ग्रामीणों को काफी समझाया। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
सीसी कैमरों के माध्यम से की जा रही ट्रक की तलाश
अंजू को टक्कर मारने वाले ट्रक के बारे में स्थानीय लोग कोई जानकारी नहीं दे सके। इस पर पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी खंगाले गए। पुलिस ने ट्रक व चालक की तलाश में जुटी है। - पति को दी घटना की सूचना नोएडा से अंजू अपने दांत में हो रही परेशानी को देखते हुए दवा लेने के लिए आईं थीं। इसी बीच दवा लेकर लौटते समय यह हादसा हो गया। घटना की जानकारी स्वजन द्वारा पति को दी गई। इसके बाद पति व बच्चे वहां से गांव खड़सरिया के लिए चल दिए थे।