21 साल पुराने हत्याकांड में फर्रुखाबाद के गैंग्स्टर अनुपम दुबे की होगी पेशी, रिमांड पर लाएगी मैनपुरी पुलिस
मैनपुरी के नवीगंज में 21 साल पुराने दंपती हत्याकांड में गैंगस्टर अनुपम दुबे और उनके भाई अनुराग दुबे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दंपती की बेटी के अनुरोध प ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। 21 साल पुराने नवीगंज के दंपती हत्याकांड में फर्रुखाबाद के गैंग्स्टर अनुपम दुबे, उनके भाई अनुराग दुबे सहित अन्य साथियों की मुश्किलें फिर से बढ़ने वाली हैं।
दंपती की बेटी के अनुरोध पर शासन द्वारा शुरू कराई गई पुनर्विवेचना के खिलाफ गैंग्स्टर की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। पुलिस मथुरा कारागार में बंद गैंग्स्टर अनुपम को रिमांड पर लाएगी।
जबकि बेवर पुलिस ने फतेहगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार में गैंग्स्टर भाई अनुराग दुबे के लिए बी-वारंट दाखिल करवा दिया है। बेवर थाना क्षेत्र के गांव नवीगंज निवासी कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा देवी की छह अगस्त 2005 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना में फर्रुखाबाद के गैंग्स्टर अनुपम दुबे सहित छह नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विवेचक ने इस मामले में एफआर लगा दी गई थी।
घटना की वादी और मृतक की पुत्री राधिका दुबे ने 21 साल बाद शासन और प्रशासन से हत्याकांड की पुर्नविवेचना की मांग की। शासन के निर्देश पर हत्याकांड की पुनर्विवेचना शुरू कराई। बेवर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह इस हत्याकांड की पुनर्विवेचना कर रहे हैं।
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार में गैंगस्टर के मामले में निरुद्ध अनुराग दुबे उर्फ डब्बन ने हाई कोर्ट इलाहबाद में अधिवक्ता के माध्यम से पुर्नविवेचना ना कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय की डबल बैंच ने सोमवार को खारिज कर दिया है।
इसके बाद जमानत मिलने की भनक लगते ही बेवर पुलिस ने मंगलवार को अनुराग दुबे के खिलाफ बी वारंट जारी कर कारागार में तामील कराया है। अब पुलिस अनुराग दुबे के साथ मथुरा कारागार में निरुद्ध अनुपम दुबे को रिमांड पर लाने की तैयारी कर रही है।