भीमकुंड से जल लेने जा रहे थे महोबा के दो कांवड़िये, कानपुर-सागर हाईवे पर ट्रक की टक्कर से दोनों की मौत
महोबा के दो कांवड़ियों की मध्य प्रदेश में भीमकुंड धाम जाते समय ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। हेलमेट न पहनने के कारण हुए इस हादसे में एक की मौके पर और दू ...और पढ़ें

कौशलेंद्र व रोहित की फाइल फोटो। स्वजन
HighLights
महोबा के दो कांवड़ियों की मध्य प्रदेश में मृत्यु।
भीमकुंड धाम जाते समय ट्रक से टक्कर हुई।
हेलमेट न पहनने से गंभीर चोटें आईं।
जागरण संवाददाता, महोबा। मध्यप्रदेश के भीमकुंड धाम से जल लेने जा रहे महोबा के दो कांवड़ियों की रविवार शाम कानपुर-सागर हाईवे पर बड़ा मलहरा के पास ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। दोनों बाइक से जा रहे थे और हेलमेट नहीं पहने थे। टक्कर लगने से सिर में गंभीर चोट आने पर 15 वर्षीय कौशलेश उर्फ सोनू ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि 32 वर्षीय रोहित सुल्लेरे की सिविल अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई। सोमवार को मध्यप्रदेश में पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब ढाई बजे शव उमरई गांव पहुंचे। दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
महोबकंठ थाना क्षेत्र के उमरई निवासी कौशलेश और रोहित करीब 40 अन्य कांवड़ियों के साथ रविवार शाम अलग-अलग बाइकों से बिजावर थाना क्षेत्र स्थित भीमकुंड धाम के लिए निकले थे। वहां से जल लेकर उन्हें छतरपुर के जटाशंकर धाम और उमरई के बगबरा शंकरजी मंदिर में जलाभिषेक करना था।
शाम करीब सात बजे बड़ा मलहरा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। मध्यप्रदेश पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। महोबकंठ थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि हादसा मध्यप्रदेश में हुआ है।
तीन बहनों में इकलौता भाई था कौशलेश
कौशलेश तीन बहनों में इकलौता भाई था और पढ़ाई करता था। वहीं रोहित तीन भाइयों में सबसे छोटा था और खेती-किसानी में परिवार का हाथ बंटाता था। दोनों की आपस में अच्छी बनती थी। स्वजन और ग्रामीणों के मुताबिक दोनों अन्य कांवड़ियों के साथ हंसी-खुशी जल लेने निकले थे। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है।
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रोहित ने एक दिन पहले अपलोड किया था वीडियो
वहीं, रोहित ने घटना से एक दिन पहले इंस्टाग्राम पर कांवड़िए की पोशाक में एक वीडियो अपलोड किया था। इसमें 'यही रात अंतिम, यही रात भारी' गीत सुनाई दे रहा था। यह उसका आखिरी वीडियो साबित हुआ। ग्रामीणों के अनुसार दोनों की मौत से परिवार और गांव के लोग गहरे सदमे में हैं।