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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    महोबा में फिर खाकी एक बार फिर हुई दागदार, चार साल पहले भी IPS ने कर दिया था कांड; अब आया नया मामला

    Updated: Wed, 18 Sep 2024 10:46 AM (IST)

    महोबा पुलिस एक बार फिर चर्चा में है इस बार एक क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में। 2020 में तत्कालीन एसपी मणीलाल पाटीदार पर अवैध वसूली और हत्या का आरोप ...और पढ़ें

    महोबा में फिर खाकी एक बार फिर हुई दागदार
    महोबा में फिर खाकी एक बार फिर हुई दागदार

    HighLights

    1. चार साल पहले तत्कालीन एसपी भी करा चुके हैं महोबा पुलिस की फजीहत
    2. क्रसर व्यापारी की मौत के मामले में जेल में बंद हैं आइपीएस मणीलाल पाटीदार
    3. अपनी ओडी गाड़ी में घायल मिले थे क्रसर व्यापारी

    जागरण संवाददाता, महोबा।  जिले में खाकी पहली बार निशाने पर नहीं है, बल्कि चार साल पहले वर्ष 2020 में तत्कालीन एसपी मणीलाल पाटीदार की कारगुजारी की वजह से पूरे प्रदेश में महोबा पुलिस की फजीहत हुई थी। एक क्रसर कारोबारी घायल हालत में अपनी ऑडी कार में मिला था, बाद में व्यापारी के स्वजन ने तत्कालीन एसपी दो क्रसर कारोबारियों पर अवैध वसूली को लेकर हत्या करने का आरोप लगाया, शासन से हस्तक्षेप के बाद इस मामले में तत्कालीन एसपी समेत पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

    एसपी आज भी जेल में हैं।  8 सितंबर 2020 को कबरई थाना क्षेत्र में बघवाखु़ड़ा मोड़ के पास क्रसर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी खून से लथपथ हालत में अपनी ऑडी कार में मिले थे, इससे पहले इंद्रकांत त्रिपाठी ने एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया जिसमें आरोप लगाया कि एसपी उनसे रुपयों की मांग कर रहे हैं।

    पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा

    पांच दिन तक जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष करने के बाद इंद्रकांत त्रिपाठी ने 13 सितंबर 2020 को कानपुर रीजेंसी में दम तोड़ दिया था। इंद्रकांत की मौत के बाद उनके भाई रवि त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणीलाल पाटीदार, कबरई थाना के प्रभारी देवेंद्र शुक्ला, क्रसर व्यापारी सुरेश सोनी व बह्मदत्त द्विवेदी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।

    इस मामले से पूरे प्रदेश में पुलिस की फजीहत हुई, अवैध वसूली में सीधे एसपी संलिप्त थे, लिहाजा सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। शासन ने सख्त कदम उठाते हुए करीब सौ पुलिस कर्मियों का स्थानांतरण कर दिया।

    आरोपित एसपी, कोतवाली प्रभारी देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव के अलावा दोनों आरोपित क्रसर व्यापारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, एसआइटी द्वारा आज भी मामले की जांच की जा रही है। एसपी जेल में हैं। चरखारी में व्यापारी की हत्या के मामले में जिस तरह से पुलिस ने कमजोर धारा में मुकदमा दर्ज किया उसके बाद फिर से महोबा पुलिस की फजीहत हो रही है। हालांकि घटना को दो दिन बाद एसपी अपर्णा गुप्ता का जिले से स्थानांतरण किया जा चुका है।

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