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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ponds Encroachment In UP: तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर योगी सरकार गंभीर, कार्ययोजना बना अवैध कब्जे हटाने का निर्देश

By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
Updated: Tue, 24 Oct 2023 02:18 PM (IST)

यूपी की योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार तालाबों के लिए विकसित पोर्टल को एंटी भू-माफिया पोर्टल से जोड़ा जाएगा। शासन ने विभागों को जिलावार कार्ययोजना बनाकर अवैध कब्जे हटाने का निर्देश जारी कर द‍िये हैं। ज‍िसके बाद प्रदेश के तालाबों के द‍िन बहुरने की उम्‍मीद जागी है।

Ponds Encroachment In UP: यूपी में तालाबों पर अत‍िक्रमण को लेकर योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार गंभीर
Ponds Encroachment In UP: यूपी में तालाबों पर अत‍िक्रमण को लेकर योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार गंभीर

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। फसली वर्ष 1359 (वर्ष 1952) के अभिलेखों में दर्ज तालाबों, झीलों व जलाशयों के बारे में विकसित पोर्टल को एंटी भू-माफिया पोर्टल से जोड़ा जाएगा। उद्देश्य यह है कि तालाबों व जलाशयों पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध हुई कार्रवाई की समेकित रिपोर्ट पोर्टल पर प्रदर्शित हो सके।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन ने 30 जून 2020 को शासनादेश जारी कर तालाबों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की निगरानी और समीक्षा के लिए आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। हाई कोर्ट के आदेश के क्रम में राजस्व परिषद ने तालाबों/झीलों के लिए एक पोर्टल विकसित किया है।

इस पोर्टल पर वर्ष 1952 के अभिलेखों के अनुसार राजस्व गांवों और शहरों में दर्ज तालाबों की ग्रामवार/गाटावार सूचना दर्ज कराई जा रही है। उनके फोटो भी अपलोड किए जा रहे हैं। संबंधित विभाग तालाबों पर अवैध कब्जे की सूचनाएं भी पोर्टल पर दर्ज करा रहे हैं। हालांकि इसकी रफ्तार सुस्त है। तालाबों पर अतिक्रमण की शिकायतों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज होती है।

हाल ही में संपन्न राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक में पाया गया कि प्रदेश में तालाबों के 1556 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अवैध कब्जे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया है कि पुलिस विभाग प्रदेश के सभी थानों को निर्देश देगा कि वे जिला और संबंधित तहसील के राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों से समन्वय कर तालाबों/झीलों पर हुए अतिक्रमण के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर समुचित कानूनी कार्रवाई कराकर उसे एंटी भू माफिया पोर्टल पर अवश्य दर्ज करेंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि संबंधित विभाग तालाबों पर अवैध कब्जे हटाने के लिए विभागवार/जिलावार कार्ययोजना बनाकर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित कराएंगे। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि तालाबों पर फिर से अतिक्रमण न हो। जिन तालाबों पर कब्जे के मामलों में न्यायालय ने स्थगनादेश दिया है, उनमें मुकदमों के निस्तारण के लिए प्रभावी पैरवी के लिए विभाग अपने नोडल अधिकारियों को निर्देश देंगे। समिति ने इस बारे में संबंधित विभागों और सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।

पांच जिलों में अतिक्रमण शून्य राजस्व परिषद के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के चार जिले ऐसे हैं जिनमें तालाबों पर कोई अतिक्रमण नहीं है। इनमें बांदा, महोबा, ललितपुर, श्रावस्ती और सोनभद्र जिले शामिल हैं।

तालाबों पर सर्वाधिक क्षेत्रफल में अतिक्रमण वाले पांच जिले जिला

अतिक्रमित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

बहराइच - 342.62

शामली - 164.52

बागपत - 152.47

मुजफ्फरनगर - 145.71

रायबरेली - 70.48

प्रयागराज - 57.03

इन पांच जिलों में तालाबों पर सबसे कम क्षेत्रफल में अवैध कब्जे

जिला - अतिक्रमित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

मीरजापुर - 0.007

कौशांबी - 0.018

बलरामपुर - 0.014

बस्ती - 0.062

फर्रुखाबाद - 0.081

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