उत्तर प्रदेश की पंचायतों में अब शीघ्र गति पकड़ेगा काम, प्रशासकों के अधिकारों पर जल्द होगा निर्णय
UP Panchayat: पंचायती राज विभाग ने प्रशासकों की जिम्मेदारियों व अधिकारों को तय करते हुए दिशानिर्देश तैयार कर विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर को भेजा था ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
HighLights
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास भेजी गई फाइल
पंचायती राज विभाग ने प्रशासकों के अधिकारियों पर तैयार किया है दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री की मुहर लगने के बाद पंचायतों में तेजी से कराए जा सकेंगे विकास कार्य
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अभी कोई फैसला न होते देख प्रशासकों को काम सौंपा गया है। ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों में तैनात प्रशासकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में बाधित हो रहे पंचायतों के विकास कार्य जल्द तेजी से कराए जा सकेंगे।
पंचायती राज विभाग के प्रशासकों के लिए तैयार दिशा-निर्देशों की फाइल स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास भेज दी गई है। मुख्यमंत्री का अनुमोदन मिलने के साथ ही इसे लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में पहली बार प्रशासक की जिम्मेदारी निभा रहे निवर्तमान ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष कार्यभार संभालने के साथ ही अपनी जिम्मेदारियों व अधिकारों को लेकर असमंजस में है।
प्रशासक तैनात करने के लिए जारी शासनादेश में इनके अधिकारों के बारे में महज इतना लिखा गया है कि वे सामान्य रूटीन कार्य करा सकेंगे। नीतिगत विषयों से संबंधित प्रस्ताव जिलाधिकारी को देंगे, लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सामान्य रूटीन कार्य क्या होंगे और कौन से काम नीतिगत की श्रेणी में आएंगे।
दिक्कतें सामने आने पर पंचायती राज विभाग ने प्रशासकों की जिम्मेदारियों व अधिकारों को तय करते हुए दिशानिर्देश तैयार कर विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर को भेजा था। यह फाइल मंत्री के यहां से अब मुख्यमंत्री के पास भेज दी गई है।
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सूत्रों के मुताबिक विभाग के तैयार दिशा-निर्देशों में यह व्यवस्था दी गई है कि ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायतों द्वारा पहले से स्वीकृत प्रस्तावों का काम प्रशासक जिलाधिकारी की अनुमति लेकर शुरू करा सकेंगे। जिला पंचायतों के विकास की नई कार्य योजनाएं जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएंगी।
ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की कार्ययोजना को जिलाधिकारी अनुमोदित करेंगे।ग्राम पंचायतों के नीतिगत निर्णय भी जिलाधिकारी ही लेंगे। प्रशासक कर्मचारियों का वेतन देने के साथ ही विभिन्न कार्यों का भुगतान भी करेंगे।