Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में अब गैर-डेयरी पनीर पर लगेगा बैन, होटल-रेस्टोरेंट मालिकों पर कार्रवाई के लिए FSSAI को भेजा गया प्रस्ताव

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 11:35 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर जल्द ही प्रतिबंध लगेगा, जिसके लिए एफएसडीए ने एफएसएसएआई को प्रस्ताव भेजा है। यह नकली पनीर स्वास्थ् ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    HighLights

    1. एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री पर जल्द लगेगी रोक।

    2. स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, प्रोटीन रहित है यह नकली पनीर।

    3. एफएसडीए ने एफएसएसएआई को प्रतिबंध का प्रस्ताव भेजा।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एनालाग (गैर-डेरी पनीर) पनीर के उत्पादन और बिक्री पर जल्द ही रोक लगेगी। इस पनीर की खाद्य सामग्री बनाकर बेंचने वाले होटल, रेस्त्रां मालिकों पर कार्रवाई का प्रस्ताव भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) को भेजा गया है, जहां से मंजूरी पर प्रदेश में एनालाग पर प्रतिबंध की अधिसूचना जारी होगी। राज्य में अभी एनालाग पर रोक नहीं है, हालांकि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में रोक लग गयी है।

    कई राज्यों में एनालाग पनीर की बिक्री की शिकायतों के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने सभी प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को अभियान चलाने का आदेश दिया था। राज्य की एफएसडीए इकाई ने हापुड़, मेरठ, नोएडा, अलीगढ़, बागपत, लखनऊ, सहारनपुर और देवरिया में तीन क्विंटल से अधिक एलानाग पनीर पकड़ा।

    एफएसएसएआइ को भेजी रिपोर्ट

    नियमों के अनुसार उसे नष्ट करा दिया गया। इसकी रिपोर्ट एफएसएसएआइ को भेजी गयी थी। जिसके बाद एनालाग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू हुयी।

    दरअसल, एनालाग पनीर वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सिफायर और अन्य एडिटिव्स का उपयोग कर बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन का स्तर न के बराबर होता है और इसमें मौजूद इमल्सिफायर आंतों में सूजन लाते हैं। पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं।

    इस एनालाग के प्रयोग से टाइप-2 डायबिटीज और कोलेस्ट्राल बढ़ता है। एफएसडीए के अपर निदेशक हरि शंकर सिंह का कहना है कि राज्य में एनालाग पनीर पर प्रतिबंध का प्रस्ताव एफएसएसएआइ के स्तर पर लंबित है। जहां से अनुमति मिलते ही अधिसूचना जारी की जाएगी।

    सेहत के लिए नुकसान

    खबरें और भी

    -इसमें असली पनीर की तरह कैल्शियम और प्रोटीन नहीं होता है।
    -इसमें खराब फैट और संतृप्त वसा होती है जो दिल के लिए हानिकारक है।
    -अधिक कैलोरी और खराब फैट होने के कारण इससे मोटापा बढ़ता है।
    -इसमें मौजूद सिंथेटिक एडिटिव्स, स्टार्च पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।

    असली-नकली में अंतर

    -एनालाग पनीर में इलास्टिसिटी होती और चबाते वक्त रबड़ जैसा महसूस होता है।
    -यह बेहद चिकना लगता है, जबकि असली पनीर दानेदार और खुरदुरा होता है।
    -असली पनीर मसलने पर आसानी से छोटे टुकड़ों में बिखर जाता है।
    -असली पनीर में दूध की सौंधी महक आती है, उसमें हल्की मिठास होती है।
    -एनालाग पनीर में खुशबू नहीं होती या फिर कच्चे तेल जैसी गंध आती है।

    घर में कैसे पहचानें

    -पानी में उबालकर पनीर को ठंडा करें, फिर आयोडीन साल्यूशन डालें, अगर रंग नीला होने का अर्थ स्टार्च की मिलावट है।
    - तेज फ्लेम पर तवा गर्म करके उस पर पनीर के टुकड़े डालें एनालाग पनीर पिघलने लगेगा।