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    उत्तर प्रदेश में विकास की बहार: तीन महीने में ₹62,000 करोड़ की सौगात, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से प्रगति

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 05:27 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी ने पहली तिमाही में ₹62,282 करोड़ की 5,551 विकास परियोजनाएं पूरी कीं। गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. तीन माह में ₹62,282 करोड़ की 5,551 परियोजनाएं।

    2. गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट ने विकास को दी गति।

    3. यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य।

    डिजिटल टीम, लखनऊ। बीते 9 वर्षों से निरंतर बदलाव और प्रगति की बुलंदियों को छू रहा उत्तर प्रदेश अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तूफानी दौरों और विकासपरक नीति ने राज्य में बुनियादी ढांचे की एक नई इबारत लिख दी है। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमांचल और बुंदेलखंड से लेकर मध्यांचल तक, सीएम योगी खुद हर जनपद में पहुंचकर जन-आकांक्षाओं को पंख लगा रहे हैं। महज तीन महीनों के भीतर राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कनेक्टिविटी और पर्यटन से जुड़ी 5,551 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।

    करीब ₹62,282 करोड़ से अधिक की इन महा-परियोजनाओं ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में विकास अब सिर्फ कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर उसकी रफ्तार दोगुनी हो चुकी है। यह अभूतपूर्व गति यूपी को देश की पहली 'वन ट्रिलियन डॉलर' अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।

    जेवर और गंगा एक्सप्रेसवे ने भरी 'प्रगति की उड़ान'

    इस तिमाही की सबसे ऐतिहासिक उपलब्धियों में ₹36,000 करोड़ से अधिक की लागत वाले गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का लोकार्पण रहा। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ दूरी कम करेगा, बल्कि पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार का एक मजबूत कॉरिडोर बनकर उभरेगा।

    वहीं, जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश ने वैश्विक नागरिक उड्डयन के मानचित्र पर अपनी धमक दर्ज कराई है। इस परियोजना की संवेदनशीलता और सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एयरपोर्ट के लिए स्वेच्छा से जमीन देने वाले किसान पहली ही फ्लाइट में बैठकर राजधानी लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री से मिलकर इस नए यूपी के भागीदार बने।

    खबरें और भी

    भविष्य की तकनीक और सुदृढ़ स्वास्थ्य अवसंरचना

    योगी सरकार का विज़न सिर्फ आज की जरूरतें पूरी करना नहीं, बल्कि भविष्य के उत्तर प्रदेश को तैयार करना है।

    • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की शुरुआत की गई है, जहाँ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसी 21वीं सदी की तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। मुजफ्फरनगर में भी 'सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग' युवाओं के स्टार्टअप और कौशल को नई धार दे रहा है।

  • मेडिकल क्रांति: स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए ललितपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के सुदूर जिलों में चिकित्सा अवसंरचना को अपग्रेड किया गया है, ताकि हर नागरिक को उच्च स्तरीय इलाज अपने ही क्षेत्र में मिल सके।

  • बुंदेलखंड में 'फार्मा पार्क' और वैश्विक पर्यटन को नई दिशा

    औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए ललितपुर में 1,500 एकड़ में उत्तर प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इसके अलावा:

    • सांस्कृतिक और ईको-टूरिज्म: संतकबीर नगर में तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर, बाबा बैजूनाथ धाम का विकास और बखिरा झील को ईको-टूरिज्म हब बनाने की घोषणा से धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को नया बल मिला है।

    • एडवेंचर और खेल: महोबा को एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाई जा रही है, तो वहीं गोरखपुर में ₹393 करोड़ की लागत से बनने वाले 30 हजार की क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास खेल क्षेत्र में यूपी की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

    सामाजिक समरसता और सर्वसमावेशी विकास

    यह विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय संवेदना और सामाजिक न्याय भी समाहित है। लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में दशकों से विस्थापित बांग्लादेशी और बंगाली हिंदू परिवारों को नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र सौंपकर सरकार ने सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की है। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार के नियुक्ति पत्र, श्रमिक कल्याण योजनाएं और 'कल्याण मंडपम' जैसी जनसुविधाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही हैं।

    आत्मनिर्भरता और एक ट्रिलियन डॉलर का रोडमैप

    रामपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, सहारनपुर, आगरा और ललितपुर समेत प्रदेश का कोई भी ऐसा जिला नहीं है, जो इस विकास यात्रा से अछूता रहा हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इन सभी परियोजनाओं की कमान संभाल रहे हैं और बारीक मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर्स, एक्सप्रेसवेज और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर सरकार ने कानून-व्यवस्था और सुशासन का जो मॉडल पेश किया है, वह उत्तर प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा इन्वेस्टमेंट हब बना चुका है। पहली तिमाही की यह रफ्तार गवाही दे रही है कि 'विकसित उत्तर प्रदेश' की नींव बेहद मजबूत हो चुकी है।

    सीएम योगी द्वारा अप्रैल, मई-जून में किए गए प्रमुख लोकार्पण व शिलान्यास

    अप्रैल

    5 अप्रैल: गोरखपुर-बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स के साथ घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण
    7 अप्रैल: आगरा में 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही ग्रेटर आगरा टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की।
    11 अप्रैल: लखीमपुर खीरी की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    11 अप्रैल: लखीमपुर खीरी में ही बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदु परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र दिया और 417 करोड़ की 231 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    13 अप्रैल: आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन के नए भवन का शुभारंभ किया। इसकी लागत करीब 5.17 करोड़ रुपये है।
    13 अप्रैल: मुजफ्फरनगर में 951 करोड़ रुपये की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इन योजनाओं में ‘सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। यहां युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और 3-डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
    15 अप्रैल: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के साथ गोरखपुर में महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण किया। यह 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हुआ है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कांप्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलाजी एंड 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलाजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलाजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम संचालित होंगे।
    23 अप्रैल: गोरखपुर में राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की 497 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
    29 अप्रैल: हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सीएम योगी ने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत का यह मेगा प्रोजेक्ट मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है।

    मई
    1 मई: लखनऊ में श्रमवीर गौरव समारोह 2026 और श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    5 मई: तारामंडल में वाटर बॉडी पर बने टू लेन ब्रिज का लोकार्पण किया। इसकी लागत 14 करोड़ रुपये से अधिक है।
    5 मई: गोरखपुर में 612.32 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लिए 'कल्याण मंडपम' का लोकार्पण भी शामिल है, ताकि आम जनता को कम खर्च पर मांगलिक आयोजनों के लिए भव्य जगह मिल सके।
    7 मई: सहारनपुर में 2131 करोड़ रुपये की 325 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    15 मई: महराजगंज के नौतनवां में 208 करोड़ की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इससे सड़क, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी।
    16 मई: गोरखपुर में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी संग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इसकी लागत करीब 393 करोड़ रुपये होगी। इस विश्वस्तीय स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
    22 मई: देवरिया में 655 करोड़ की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें बिहार तक जुड़ने वाला फोर लेन मार्ग भी शामिल है। साथ ही इस परियोजनाओं के जरिए स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढ़ाचे को मजबूत किया जाना है।
    26 मई: लखनऊ नगर निगम की 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    26 मई: प्रयागराज में नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल व विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इनकी लागत 400 करोड़ रुपये से अधिक है।
    29 मई: मऊ को 392 करोड़ की 114 परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें सड़क, आधारभूत ढांचा, जनकल्याण और अन्य विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
    30 मई: लखनऊ में नौसेना शौर्य संग्रहालय का लोकार्पण किया।

    जून
    2 जून: कुशीनगर में 424 करोड़ रुपये की 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    5 जून: बलरामपुर में 294 करोड़ रुपये की 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    6 जून: गोंडा में 516 करोड़ रुपये की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    13 जून: आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    13 जून: गोरखपुर में 295 करोड़ रुपये की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    14 जून: गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    18 जून: उन्नाव में 570 करोड़ रुपये की विकास 101 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    20 जून: ललितपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज समेत 1,766 करोड़ रुपये की 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ललितपुर में 1500 एकड़ में यूपी का पहला फार्मा पार्क भी बनेगा।
    21 जून: हमीरपुर में 636 करोड़ रुपये से अधिक की 75 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    21 जून: महोबा में 697 करोड़ रुपये से अधिक की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। सीएम योगी ने कहा कि जिले को एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
    22 जून: अलीगढ़ में 462 करोड़ रुपये की 85 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    22 जून: फिरोजाबाद में 658 करोड़ रुपये की 81 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    25 जून: संतकबीर नगर में 475 करोड़ रुपये की 139 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। यहां सीएम योगी ने तामेश्वरनाथ धाम को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की बात कही। बताया कि बाबा बैजूनाथ धाम सहित क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर भी कार्य प्रस्तावित है। साथ ही बखिरा झील को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी बताई।
    26 जून: देवरिया में 456.38 करोड़ रुपये की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें सड़क, पुल, बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा और नगर विकास से जुड़ी योजनाएं सम्मलित हैं।
    28 जून: हाथरस में 548 करोड़ रुपये की 143 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    29 जून: मुरादाबाद में 365 करोड़ रुपये से अधिक की 63 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
    29 जून: पीलीभीत में 569 करोड़ रुपये से अधिक की 66 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही 2500 बंगाली परिवारों को नागरिकता एवं भूमि अधिकार पत्र वितरित किए।
    30 जून: रामपुर में 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।