जरूरत से 100 गुना ज्यादा HIV किट खरीदने पर महाप्रबंधक बर्खास्त, कंपनी को फायदा पहुंचाने के भी लगे आरोप
यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन लिमिटेड की महाप्रबंधक सुगंधा शर्मा को आवश्यकता से सौ गुना अधिक एचआइवी, हेपेटाइटिस बी और सी ...और पढ़ें

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HighLights
महाप्रबंधक सुगंधा शर्मा को अनियमितता के आरोप में बर्खास्त किया गया।
आवश्यकता से सौ गुना अधिक एचआइवी जांच किट खरीदी गईं।
कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप, उपमुख्यमंत्री से शिकायत हुई।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आवश्यकता से सौ गुना अधिक एचआइवी, हेपेटाइटिस बी और सी की जांच किट खरीदने में अनियमितता के आरोप में यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) की महाप्रबंधक (आपूर्ति चेन) सुगंधा शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर जांच किट की आपूर्ति करने वाली कंपनी को लाभ पहुंचाने में भूमिका होने का भी आरोप था। इन जांच किट का इस्तेमाल प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में किया जाना था।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह मामला यूपीएमएससीएल के साथ नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) से भी जुड़ा है। वर्ष 2024 में एनएचएम के बजट से एचआइवी, हेपेटाइटिस बी और सी की जांच किट और उनसे जुड़े उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर किया गया।
इतनी बड़ी संख्या में नहीं थी जरूरत
इसमें कंपनी ने प्रति पैकेट की दर से बोली लगाई थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने पैकेट की दर को एक पीस मानते हुए उसी आधार पर खरीद आदेश जारी कर दिया। इससे आवश्यकता से करीब सौ गुना अधिक जांच किट और उपकरणों की खरीद हो गई, जबकि विभाग को इतनी बड़ी संख्या में इनकी जरूरत नहीं थी।
मामले की शिकायत उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की गई। पिछले वर्ष तत्कालीन अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य ने इसकी जांच की। इसमें खरीद प्रक्रिया में अनियमितता के साथ खरीद आदेश जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे। इसके बाद पिछले वर्ष ही खरीद प्रक्रिया में शामिल एनएचएम के अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी गई थी।
तीन अक्टूबर को यूपीएमएससीएल की महाप्रबंधक (आपूर्ति चेन) सुगंधा शर्मा को भी बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी का आदेश यूपीएमएससीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक डा. उज्जवल कुमार ने जारी किया था। इसके अगले दिन उनका तबादला हो गया। यूपीएमएससीएल की प्रबंध निदेशक जे. रीभा ने बताया कि बर्खास्तगी का आदेश उनके पूर्ववर्ती अधिकारी ने जारी किया था, जिस पर कार्रवाई की जा रही है।
ईडी को अभी नहीं भेजा सात साल की खरीद का रिकार्ड
एनएचएम और यूपीएमएससीएल से जुड़े एक अन्य प्रकरण में श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर के सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2013 से 2025-26 तक हुई खरीद और सप्लाई की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। ईडी ने सात वर्षों का रिकार्ड मांगा था।
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इसमें चारों जिलों के सरकारी अस्पतालों को मिले बजट, उससे हुई खरीद और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा यूपीएमएससीएल से वर्ष 2019 के बाद कराए गए टेंडर और उनमें सफल कंपनियों की जानकारी भी मांगी गई है। सूत्रों के अनुसार अब तक कार्पोरेशन ने ईडी को यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
