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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रिसॉर्ट, बोटिंग, एडवेंचर! अब यूपी में भी होगा 'हिल स्टेशन' जैसा मजा, झीलों-बांधों पर बनेगा टूरिज्म का हॉटस्पॉट!

By Jagran NewsEdited By: Sakshi Gupta
Updated: Sat, 19 Apr 2025 06:40 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बांधों और जलाशयों को प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करेगी। चित्रकूट महोबा सोनभद्र ...और पढ़ें

प्राकृतिक पर्यटन स्थल बनेंगे बांध और जलाशय ।(तस्वीर जागरण)
प्राकृतिक पर्यटन स्थल बनेंगे बांध और जलाशय ।(तस्वीर जागरण)

HighLights

  1. प्राकृतिक पर्यटन स्थल बनेंगे बांध और जलाशय
  2. सात बांधों और जलाशयों पर विकसित होंगी पर्यटक सुविधाएं
  3. वाटर स्पोर्ट्स आदि गतिविधियों को बढ़ावा देगी योगी सरकार

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार अब प्रदेश के बांध और जलाशयों को विकसित करने जा रही है। चित्रकूट, महोबा, सोनभद्र, हमीरपुर, झांसी, सिद्धार्थनगर और बांदा स्थित सात प्रमुख बांधों और झीलों पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) आदि गतिविधियां शुरू कराई जाएंगी। पर्यटकों के ठहराव सहित अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

आधुनिक पर्यटन सुविधाएं होंगी

जिन बांधों और जलाशयों को प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, उनमें चित्रकूट का गुंता बांध, महोबा का अर्जुन डैम, सोनभद्र का धंधरौल डैम, हमीरपुर का मौदहा डैम, झांसी की गढ़मऊ झील, सिद्धार्थनगर का मझौली सागर और बांदा का नवाब टैंक शामिल है।

इन स्थानों पर आधुनिक पर्यटन सुविधाओं रिसार्ट, बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों का विकास किया जाएगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इन परियोजनाओं के लिए तकनीकी सहायता और आवश्यक अनुमतियां प्रदान करेगा। सरकार ने इसके लिए इस तरह योजना तैयार करने को कहा है, जिससे बांधों की सुरक्षा और संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

रोजगार की संभावनाएं पैदा होंगी

वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन करने को भी कहा गया है। सरकार का मानना है कि इन बांधों-जलाशयों के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से पर्यटकों की आमद तो बढ़ेगी ही, होटल, रेस्तरां, परिवहन और गाइड सेवाओं आदि क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं भी पैदा होंगीं।

अमेठी में बनेगा मलिक मुहम्मद जायसी का स्मारक

पर्यटन विभाग अमेठी में 14 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटक सुविधाएं विकसित करेगा। इनमें सूफी संत, कवि और ’पद्मावत’ के रचयिता मलिक मोहम्मद जायसी की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण भी शामिल है, जिसके लिए 10.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

99.10 लाख रुपये से संत सतगुरु कबीर साहेब के बैठका का सुंदरीकरण एवं जीर्णाेद्धार कार्य किया जाएगा। तिलोई ब्लाक के ग्राम धर्म स्थित बाबा दूलन दास स्थल के पर्यटन विकास पर 94.03 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। मुसाफिरखाना की ग्राम-पंचायत दादरा में हिंगलाज भवानी मंदिर में 62 लाख रुपये से पर्यटन विकास किया जाएगा।

ग्राम ताला स्थित पौराणिक मुकुट नाथ मंदिर का पर्यटन विकास पर 59.16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित के लिए हर प्रकार के पर्यटन के लिए आकर्षण विकसित किए जा रहे हैं।

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