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'UP में चीनी की कोई किल्लत नहीं...', एथेनॉल से कमी के दावों को UPSMA ने नकारा

Published: Wed, 26 Aug 2026 08:21 AM (IST)

उत्तर प्रदेश चीनी मिल्स एसोसिएशन ने राज्य में पर्याप्त चीनी उपलब्धता का दावा किया है और एथेनॉल उत्पादन से कमी ...और पढ़ें

चीनी मिल्स एसोसिएशन ने किया पर्याप्त चीनी भंडार का दावा। जागरण

चीनी मिल्स एसोसिएशन ने किया पर्याप्त चीनी भंडार का दावा। जागरण

HighLights

  1. यूपी में चीनी का पर्याप्त भंडार, एथेनॉल से कमी नहीं।

  2. चीनी मिल्स एसोसिएशन ने कमी के आरोपों को खारिज किया।

  3. गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। चीनी की कमी की कीमतें बढ़ने की आशकांओं के बीच उत्तर प्रदेश चीनी मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) ने प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है। एसोसिएशन ने एथेनाल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के लिए चीनी के डायवर्जन से कमी होने के आरोपों को भी खारिज किया है।

एसोसिएशन के महासचिव दीपक गुप्तारा के अनुसार उत्तर प्रदेश, देश में एथेनाल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में एथेनाल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी की मात्रा कम हुई है।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन चीनी की बढ़ती खुदरा कीमतों के बीच चीनी की उपलब्धता और घरेलू सप्लाई में स्थिरता को लेकर जनता की चिंताओं को दूर करना चाहते हैं। कीमतें बढ़ने के लिए जमाखोरी जिम्मेदार है। राज्य भर की मिलों के पास त्योहारों के मौसम और रोज़मर्रा की घरेलू खपत की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का भंडार है। एसोसिएशन, राज्य व केंद्र के लगातार संपर्क में है, जिससे मांग और नीति की जरूरतों के हिसाब से समय पर कार्रवाई होती रहे।

गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान
गन्ना विकास विभाग के अनुसार गन्ना, शीरा और एथेनाल उत्पादन में देश में यूपी शीर्ष पर है। किसानों को अब तक रिकार्ड 3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया है। विभाग ने दावा किया है कि गन्ना किसानों की औसत आय में 40,720 रुपये प्रति हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

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नौ वर्षों में चीनी मिलों ने 9220 लाख टन गन्ने की पेराई करते हुए 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। गन्ने का उत्पादन 1486.57 लाख टन से बढ़कर 2362 लाख टन हो गया है। औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 82.56 टन प्रति हेक्टेयर हो गई है। इसी अवधि में औसत चीनी परता भी 10.61 प्रतिशत से बढ़कर 10.83 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है। चीनी उत्पादन भी बढ़ा है।