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    एसआईआर का असर: उत्तर प्रदेश में घटेंगे 4-5 हजार पोलिंग बूथ, चुनाव खर्च में होगी बड़ी बचत

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:05 PM (GMT+05:30)

    मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश में 2.04 करोड़ मतदाता कम हुए हैं, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए 4-5 हजार पोलिंग बूथ कम होंगे। इस पुनर् ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मतदाता सूची पुनरीक्षण से 2.04 करोड़ मतदाता कम हुए।

    2. 2027 विधानसभा चुनाव हेतु 4-5 हजार पोलिंग बूथ घटेंगे।

    3. बूथ पुनर्गठन से चुनाव खर्च और प्रबंधन में बचत होगी।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रदेश में कम हुए करीब 2.04 करोड़ मतदाताओं के बाद अब इसका असर पोलिंग बूथों की संख्या में पड़ने जा रहा है। प्रदेश में इस समय 13.40 करोड़ मतदाता हैं।

    मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी का असर वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव में पोलिंग बूथों की संख्या में दिखाई देगा। चुनाव से पहले बूथों के पुनर्गठन की कवायद शुरू हो गई है और करीब चार से पांच हजार पोलिंग बूथ कम होने की संभावना है। बूथ घटने से चुनाव खर्च में भी कमी आएगी।

    पोलिंग पार्टियां कम लगानी पड़ेंगी और पुलिस व केंद्रीय बलों की तैनाती अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। राजनीतिक दलों को भी प्रबंधन में आसानी होगी।

    वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव में प्रदेश में करीब 15.02 करोड़ मतदाता थे और 1.74 लाख पोलिंग बूथ बनाए गए थे। उस समय एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की व्यवस्था थी।

    वहीं, वर्ष 2024 के लोक सभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 15.41 करोड़ हो गई थी, लेकिन उस समय एक पोलिंग बूथ पर 1500 मतदाताओं की सीमा रखे जाने के कारण बूथों की संख्या करीब 1.62 लाख थी।

    वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव में एक बार फिर एक पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की व्यवस्था लागू होगी। एसआईआर के बाद फिलहाल मतदाताओं की संख्या 13.40 करोड़ रह गई है, लेकिन विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के बाद इसमें फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    अनुमान है कि अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश में करीब 14 से 14.5 करोड़ मतदाता हो सकते हैं। ऐसे में केवल मतदाताओं की संख्या के आधार पर बूथ घटाने के बजाय निर्वाचन आयोग बूथों के पुनर्गठन में भौगोलिक स्थिति, मतदाताओं की दूरी और मतदान केंद्र की उपलब्धता को भी ध्यान में रख रहा है। मौजूदा 1.77 लाख से अधिक बूथों में से चार-पांच हजार बूथ कम होने पर कई स्थानों पर बूथों का विलय किया जा सकता है।

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