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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: किसानों के लिए खुशखबरी! बारिश से खराब गेहूं भी 2,125 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदेगी सरकार

By Rajeev DixitEdited By: Nirmal Pareek
Updated: Fri, 28 Apr 2023 11:14 PM (IST)

UP News गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए लगभग एक महीने बीतने के बाद सरकार ने बारिश की मार से खराब हुए गेहूं को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय किया है। वर्ष 2023-24 के लिए सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

बारिश से खराब गेहूं भी 2,125 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदेगी सरकार
बारिश से खराब गेहूं भी 2,125 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदेगी सरकार

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए लगभग एक महीने बीतने के बाद सरकार ने बारिश और ओले की मार से खराब हुए गेहूं को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने का निर्णय किया है। केंद्र की ओर से गेहूं की गुणवत्ता के लिए निर्धारित मानक में दी गई ढील के अनुसार सरकार 18 प्रतिशत तक सिकुड़े-टूटे और 80 प्रतिशत तक कम चमक के दानों वाले गेहूं को खरीदेगी।

खास बात यह है कि तय सीमा तक खराब गेहूं बेचने वाले किसानों को किये जाने वाले भुगतान में एमएसपी में कटौती नहीं की जाएगी। एमएसपी में होने वाली कटौती को राज्य सरकार वहन करेगी। प्रदेश में क्रय केंद्रों पर अभी तक सिर्फ सामान्य गुणवत्ता के गेहूं की खरीद हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से खराब गेहूं को खरीदने के निर्णय के बाद गेहूं खरीद में तेजी आ सकती है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के लिए सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2,125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

बीते दिनों बारिश और ओले गिरने से प्रदेश के कई जिलों में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था। राज्य सरकार ने केंद्र से एमएसपी पर खराब गेहूं को भी खरीदने की मंजूरी देने का अनुरोध किया था। एमएसपी पर खरीद के लिए गेहूं के दानों में सिकुड़न और टूटन की अधिकतम सीमा छह प्रतिशत है। केंद्र ने राज्य सरकार के अनुरोध को मानते हुए 18 प्रतिशत की सीमा तक सिकुड़े और टूटे गेहूं खरीदने की अनुमति दी थी। साथ ही, यह शर्त रखी है कि छह प्रतिशत से ऊपर प्रत्येक दो प्रतिशत सिकुड़न व टूटन के लिए किसानों को भुगतान किये जाने वाले एमएसपी पर 5.31 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कटौती करेगी।

इस आधार पर गेहूं के दानों में 18 प्रतिशत तक टूटन व सिकुड़न होने पर प्रति क्विंटल 31.87 रुपये की कटौती होगी। इसके अलावा केंद्र ने दानों में कम चमक वाले गेहूं को खरीदने की भी सशर्त अनुमति दी है। केंद्र ने कहा है कि 10 प्रतिशत तक कम चमक वाले गेहूं की खरीद कटौती से मुक्त रहेगी लेकिन 10 प्रतिशत से अधिक और 80 प्रतिशत तक कम चमक वाले गेहूं को खरीदने पर 5.31 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी में कटौती की जाएगी।

राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया था कि वह बारिश और ओले की मार से खराब हुए गेहूं को शिथिल किये गए मानकों की सीमा तक खरीदने में एमएसपी में कटौती न करे। यदि कटौती करना अपरिहार्य हो तो अलग-अलग स्लैब में न करके एक निश्चित राशि की कटौती की जाए। केंद्र ने इस अनुरोध को नहीं माना है। इसलिए राज्य सरकार ने केंद्र की ओर से मानकों में दी गई ढील की सीमा तक खराब गेहूं को खरीदने का निर्णय किया है। इसके लिए किसानों को होने वाले भुगतान में कटौती नहीं की जाएगी।