यूपी में भीषण गर्मी का अलर्ट: मुख्य सचिव ने सभी कमिश्नर और डीएम को दिए 'हीट एक्शन प्लान' तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को तत्काल जिला स्तरीय हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ...और पढ़ें
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बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक करते मुख्य सचिव एसपी गोयल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को तत्काल जिला स्तर पर हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि हीटवेव राज्य आपदा घोषित है, इसलिए इससे बचाव के लिए सभी जरूरी उपाय समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यकतानुसार प्याऊ स्थापित किए जाएं और हीटवेव से बचाव के उपायों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्य सचिव ने गो-आश्रय स्थलों के संचालन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में बताते हुए वर्ष भर के लिए भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाने को कहा है। दान और क्रय के माध्यम से भूसा संग्रहीत कर अस्थायी रूप से सुरक्षित भंडारण तथा दीर्घकालिक समाधान के रूप में स्थायी भूसा बैंक स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सुझाव दिया कि गो-आश्रय स्थलों में तैयार गोबर खाद किसानों को उपलब्ध कराकर उसके बदले भूसा लिया जा सकता है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और शत-प्रतिशत क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर घास की बुआई कराने पर विशेष जोर दिया गया। चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गोशाला संचालकों और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए गए।
गर्मी से राहत के लिए गो-आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छाया, शेड को बोरे/टाट-पट्टी से ढकने और आवश्यकतानुसार शीतलन उपाय अपनाने को कहा गया। साथ ही, निराश्रित गोवंशों के लिए समुचित चिकित्सा, नियमित टीकाकरण और संतुलित आहार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इन स्थलों की निगरानी जिला स्तर पर स्थापित कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम से करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित फसलों की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शीघ्र कराया जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके।
जिलाधिकारी जौनपुर द्वारा भूसा दान करने वालों को ‘पुण्य की एफडी’ प्रमाण पत्र देने की पहल को सराहनीय बताया। वहीं, आजमगढ़, बागपत, सहारनपुर और हरदोई में गो-आश्रय स्थलों पर वाटर मिस्टिंग, पंखे, कूलर और फागर्स की व्यवस्था की भी सराहना की।