तीन साल की टाइम लाइन, 14 साल से एक ही अस्पताल में डटे हैं CMS; विभाग के ट्रांसफर सिस्टम पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण नीति का उल्लंघन सामने आया है, जहाँ कई सीएमएस अधिकारी 13-14 वर्षों से एक ही अस्पताल ...और पढ़ें
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HighLights
स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण नीति का उल्लंघन उजागर हुआ।
कई सीएमएस अधिकारी 13-14 वर्षों से एक ही अस्पताल में तैनात।
नीति के अनुसार अधिकतम तीन वर्ष की तैनाती होनी चाहिए।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण नीति की तय सीमा और अधिकारियों की तैनाती अवधि में बड़ा अंतर सामने आया है। नीति के अनुसार एक जिले में तीन वर्ष से अधिक तैनाती नहीं होनी चाहिए, जबकि विभाग में तीन सीएमएस एक ही अस्पताल में 13 से 14 वर्ष से तैनात हैं।
मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज रिकार्ड के अनुसार अंबेडकरनगर के सीएमएस डा. परमानंद यादव करीब 14 वर्ष से एक ही अस्पताल में तैनात हैं। भदोही के सीएमएस डा. रामराज और इटावा के सीएमएस डा. पारितोष शुक्ला की भी एक अस्पताल में तैनाती करीब 13-13 वर्ष से है।
स्थानांतरण नीति में एक जिले में तीन वर्ष और एक मंडल में सात वर्ष से अधिक तैनाती पर रोक है। इसके बावजूद इन तीनों सीएमएस की तैनाती अवधि निर्धारित सीमा से चार गुना से भी अधिक हो चुकी है। इससे लेवल-चार अधिकारियों के तबादलों की व्यवस्था और नीति के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में जिला स्तरीय अस्पतालों में सीएमएस के 107 पद स्वीकृत हैं।
संयुक्त चिकित्सालयों में 33 पद
इसके अलावा संयुक्त चिकित्सालयों में 33 पद हैं। इन पदों पर लेवल-चार अधिकारियों की तैनाती होती है। इन अधिकारियों के तबादले शासन स्तर से किए जाते हैं और वे आनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया के दायरे में नहीं आते।
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मानव संपदा पोर्टल पर अधिकारियों की तैनाती अवधि दर्ज होने के बावजूद तीन वर्ष की सीमा पूरी होने के बाद तबादला न होने के प्रश्न पर महानिदेशक स्वास्थ्य डा. पवन कुमार अरुण का कहना है कि जो विसंगतियां सामने आई हैं, उनकी जानकारी शासन को भेजी गयी है।
