मनरेगा के बाद अब इन विभागों का भी होगा सोशल ऑडिट, सरकारी स्कीमों में पारदर्शिता के लिए UP में बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अब मनरेगा के साथ अन्य विभागों ...और पढ़ें

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HighLights
मनरेगा के साथ अन्य योजनाओं का भी होगा सोशल ऑडिट।
सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का लक्ष्य।
मुख्य सचिव ने प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अब मनरेगा के साथ अन्य विभागों की योजनाओं को भी सोशल ऑडिट के दायरे में लाया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोशल आडिट को और प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल आडिट से सामने आने वाले निष्कर्षों पर प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरुवार को सोशल ऑडिट संगठन की गवर्निंग बॉडी की 12वीं बैठक हुई। इसमें सोशल आडिट की प्रगति, गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल माध्यम के उपयोग और अन्य विभागों की योजनाओं को इसके दायरे में लाने पर चर्चा हुई।
ऑडिट निदेशालय भी होगा मजबूत
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू ने बताया कि अन्य विभागों की योजनाओं के सोशल ऑडिट से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने के साथ सोशल ऑडिट निदेशालय भी मजबूत होगा।
निदेशक सोशल आडिट ने बताया कि वर्तमान में मनरेगा के अलावा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का भी सोशल ऑडिट कराया जा रहा है। समग्र शिक्षा योजना का सोशल ऑडिट भी जल्द शुरू किया जाएगा। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत प्रदेश की 56,736 ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट पूरा कराया गया था।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 14,612 ग्राम पंचायतों का सोशल आडिट पूरा हो चुका है। इनमें 9,642 ग्राम पंचायतों का आडिट पंचायत निर्णय एप के माध्यम से डिजिटल रूप में कराया गया। एनएसएपी के तहत 10 जिलों और दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 18 जिलों में सोशल आडिट की प्रक्रिया चल रही है। बैठक में प्रधान महालेखाकार, आयुक्त ग्राम्य विकास समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
