यूपी में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें महत्वपूर्ण तिथियां और पात्रता
पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन 11 अगस्त से शुरू होंगे, पुराने छात्र 25 अगस्त तक और नए विद्यार्थी 21 सित ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए 11 अगस्त से आनलाइन आवेदन शुरू होंगे। पुराने छात्र 25 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं, सत्र 2026-27 में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को आवेदन के लिए 21 सितंबर तक का समय दिया गया है।
इस योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनके माता-पिता या अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख रुपये तक है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से विद्यार्थियों को पढ़ाई की फीस के साथ ही पाठ्यक्रम से जुड़े अन्य खर्चों में भी आर्थिक मदद मिलती है।
विभाग के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से 22 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पिछले शैक्षिक सत्र में ही 36 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला था।
कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों के लिए संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना में पिछले वर्ष 8.88 लाख छात्रों के बैंक खातों में 219.64 करोड़ रुपये भेजे गए।
इसी तरह इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत 27.86 लाख छात्रों को 2882.02 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों से तय समय के भीतर आनलाइन आवेदन करने के लिए कहा है।
स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता पर फिर मांगी गई रिपोर्ट
लखनऊ: परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर की स्थिति की फिर से जानकारी जुटाई जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से उन स्कूलों की सूची मांगी है, जहां अब बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध हो गया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, पहले भी जिलों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी गई थी, जहां फर्नीचर की कमी थी। इसके बाद कई स्कूलों में डीएमएफ, सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और सरकार की विभिन्न योजनाओं से फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है। इसलिए अब पुरानी जानकारी को अपडेट किया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 31 जुलाई तक के छात्र नामांकन के आधार पर स्कूलवार जानकारी देनी होगी। कक्षा एक और दो तथा कक्षा तीन से पांच के लिए अलग-अलग प्रारूप में जानकारी मांगी है। इससे पता चलेगा कि किन स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध है और किन स्कूलों में अभी जरूरत है।