यूपी 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में अभ्यर्थियों की जगी उम्मीद, SC में अंतिम सुनवाई पर टिकी निगाहें
परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अंतिम सुनवाई के लिए रणनीति बनाई।

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में आठ सितंबर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
HighLights
सुप्रीम कोर्ट में 8-10 सितंबर को अंतिम सुनवाई।
आरक्षण अनियमितता पर लखनऊ हाई कोर्ट ने सूची रद्द की।
सरकार से मूल चयन सूची प्रस्तुत कर याचियों को लाभ देने की मांग।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण से प्रभावित याची अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में आठ से 10 सितंबर तक प्रस्तावित अंतिम सुनवाई को लेकर रणनीति बनाई।
शालीमार गार्डन पार्क में रविवार को पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष सुशील कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न जिलों से सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए। निर्णय लिया गया कि छह वर्ष से संघर्ष कर रहे किसी भी याची अभ्यर्थी का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप ने कहा कि लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच 13 अगस्त 2024 को भर्ती की पूरी सूची निरस्त कर चुकी है और मोर्चे के अनुसार करीब 19 हजार सीटों पर आरक्षण संबंधी अनियमितता हुई है।
उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में मूल चयन सूची प्रस्तुत कर आरक्षण नियमों के तहत प्रभावित याचियों को याची लाभ देने की मांग की। मोर्चे ने कहा कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को हटाए बिना मामला सुलझाया जाए।
प्रवक्ता नितिन पाल व बीपी डिसूजा ने बताया कि सरकार और भाजपा नेताओं को पत्र भेजे गए हैं। मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी ने कहा कि बीएड मुद्दा नहीं है।
अनिल वर्मा ने बताया कि याची लाभ का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा सचिव को दिया गया है। आजमगढ़, मऊ, कानपुर, सहारनपुर, बलिया, सीतापुर, हरदोई, कन्नौज व उन्नाव से अभ्यर्थी पहुंचे।
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