Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'कुछ चुनाव नक्शा बदल देते हैं...' यूपी में जीत के बाद 'गदगद' Akhilesh Yadav, भाजपा को अब कुछ यूं घेरा

    Updated: Mon, 10 Jun 2024 09:09 AM (IST)

    Akhilesh Yadav केंद्र में भले ही इंडी गठबंधन की सरका न बन पाई हो लेकिन यूपी में इंडी गठबंधन के बेहतर परफॉर्मेंस से सपा प्रमुख गदगद हैं। सपा प्रमुख ने ...और पढ़ें

    'कुछ चुनाव नक्शा बदल देते हैं...' यूपी में जीत के बाद 'गदगद' Akhilesh Yadav, भाजपा को अब कुछ यूं घेरा
    'कुछ चुनाव नक्शा बदल देते हैं...' यूपी में जीत के बाद 'गदगद' Akhilesh Yadav, भाजपा को अब कुछ यूं घेरा

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी की सीटों पर मिली सपा की बढ़त से अखिलेश यादव काफी खुश नजर आ रहे हैं। 2019 में 5 सीटों पर सिमटी सपा ने इस बार के चुनाव में 37 सीटें प्राप्त की हैं। इस बार सबसे ज्यादा सीटें सपा के खाते में ही आई हैं।

    केंद्र में भले ही इंडी गठबंधन की सरका न बन पाई हो, लेकिन यूपी में इंडी गठबंधन के बेहतर परफॉर्मेंस से सपा प्रमुख गदगद हैं। सपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया पर यूपी के दो नक्शे साझा किए हैं। एक नक्शे में लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम दिखाया हुआ और दूसरे में 2024 का परिणाम दिखाया हुआ है।

    सपा को 33.6 प्रतिशत की बढ़त

    नक्शा साझा करते हुए सपा प्रमुख ने लिखा, 'कुछ चुनाव नक़्शा बदल देते हैं!' साझा नक्शे के अनुसार, 2019 में भाजपा को 62, सपा को 5 और कांग्रेस को 1 सीट मिली थी। हालांकि, अब नक्शा बदल चुका है। 2024 में भाजपा के खाते में 33, सपा के खाते में 37 और कांग्रेस के खाते में 6 सीटें आई हैं। वहीं, बसपा को इस बार शून्य सीट मिली है।

    इससे पहले अखिलेश ने एक और पोस्ट कर लिखा था, 'इंडिया गठबंधन और सपा की जीत में जनता की भावनाओं को हम सब तक पहुँचाने के लिए जिन्होंने अपने साधन जुटाकर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ार्मों पर सक्रिय रहकर दिन-रात काम किया, उन सबका अतुलनीय योगदान किसी भी धन्यवाद से कहीं अधिक है।'

    खबरें और भी

    अखिलेश ने आगे कहा कि ऐसे सभी ‘सोशल मीडिया वॉलंटियर्स’ ने हमारी बात भी जनता तक पहुँचायी, इस तरह उनका ‘संवाद-सेतु’ बनना भारत के लोकतंत्र के पुनर्जागरण और संविधान की पुनर्स्थापना में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। भारत में ‘सोशल मीडिया’ और ‘सिटीजन जर्नलिज्म’ सामाजिक न्याय की मशाल का वाहक बन गया है। आप सभी सकारात्मक सोच के साथ सक्रिय रहें, आंदोलनरत रहें। सबको बहुत-बहुत धन्यवाद, सबका आभार!