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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: 'अपनी तहसील में ही निवास करें SDM-तहसीलदार', योगी सरकार का नया फरमान

    Updated: Wed, 24 Jul 2024 06:42 PM (IST)

    उपजिलाधिकारी (एसडीएम) व तहसीलदार के लिए योगी सरकार का नया फरमान आया है। सरकार ने एसडीएम व तहसीलदार को अपनी ही तहसील में निवास करने का आदेश दिया है। यह ...और पढ़ें

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। फाइल फोटो।
    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। फाइल फोटो।

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    1. योगी सरकार ने दिया आदेश, न मानने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
    2. सात दिनों में डीएम उपलब्ध कराएंगे प्रमाण पत्र, होगी औचक जांच

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने जनता की समस्याएं सुनने और समय पर उनका निस्तारण कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। योगी सरकार ने प्रदेश भर की विभिन्न तहसीलों में तैनात उपजिलाधिकारी (एसडीएम) व तहसीलदार को अब उसी तहसील में निवास करने का आदेश दिया है।

    इसका उद्देश्य यह है कि एसडीएम व तहसीलदार ज्यादा से ज्यादा समय अपनी तहसील में बिताएं एवं जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण करें। आदेश न मानने वालों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। सभी जिलाधिकारियों को सात दिन में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर से भी औचक जांच की जाएगी।

    सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश जारी 

    मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है कि जनसमस्याओं का समय पर निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    सरकार की गुड गवर्नेंस की प्रतिबद्धता के लिए यह आवश्यक है कि तहसील स्तरीय प्रशासन पूरी सजगता व तत्परता से कार्य करे। इसलिए यह आवश्यक है कि संबंधित तहसीलदार व एसडीएम जिस तहसील में तैनात हैं, वहीं निवास करें। तहसील राजस्व प्रशासन के अंतर्गत सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तरह हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित जिलाधिकारी व मंडलायुक्त का प्राथमिक दायित्व है।

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    मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिलाधिकारी ईमेल आइडी पर सात दिनों के अंदर इस आदेश का अनुपालन कराने का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराएंगे। मंडलायुक्त एवं शासन स्तर से मौके पर आकस्मिक निरीक्षण व जांच भी की जाएगी। संबंधित तहसीलदार व उपजिलाधिकारी यदि तहसील में निवासरत नहीं पाए गए तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित जिलाधिकारी का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।

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