विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PCS Jyoti Maurya Case: 'समझौता नहीं हुआ है लेक‍िन...', शि‍कायत वापसी के बाद क्‍या बोले पति‍ आलोक मौर्या?

By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
Published: Mon, 28 Aug 2023 08:25 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 28 Aug 2023 08:28 PM (GMT+05:30)

PCS Jyoti Maurya Case ज्‍योत‍ि मौर्या के खि‍लाफ शि‍कायत वापस लेने के बाद पत‍ि आलोक मौर्या ने मीड‍िया के सवालों ...और पढ़ें

ज्‍योत‍ि मौर्या के खि‍लाफ पत‍ि आलोक मौर्या ने वापस ली शि‍कायत।
ज्‍योत‍ि मौर्या के खि‍लाफ पत‍ि आलोक मौर्या ने वापस ली शि‍कायत।

लखनऊ, ऑनलाइन डेस्‍क। PCS Jyoti Maurya Case पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या के खिलाफ उनके पति आलोक मौर्या ने शिकायत वापस ले ली है। शि‍कायत वापसी के बाद आलोक मौर्या ने मीड‍िया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, मैं अपना शिकायत पत्र वापस ले ल‍िया है।'

पत्नी ज्‍योत‍ि मौर्य से समझौते के सवाल पर क्‍या बोले आलोक मौर्या?    

क्‍या कोई समझौता हुआ है? मीड‍िया के इस सवाल पर आलोक ने जवाब द‍िया, नहीं, समझौता नहीं हुआ, मैंने बस अपनी शि‍कायत वापस ले ली है। वहीं, जब आलोक से शि‍कायत वापस लेने की वजह पूछी गई तो उन्‍होंने कोई भी ट‍िप्‍पणी करने से इनकार कर द‍िया।

आलोक ने लिखित रूप से शिकायत वापस लेने का क‍िया अनुरोध

बता दें, पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या के खिलाफ उनके पति आलोक मौर्या ने शिकायत वापस ले लिया है। सोमवार को जांच कमेटी के सामने पेश हुए आलोक मौर्या ने लिखित रूप से शिकायत वापस लेने अनुरोध किया।

ज्‍योत‍ि भी वापस ले सकती हैं अपना मुकदमा

कमेटी के अध्यक्ष अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल बिंद का कहना है क‍ि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही कमेटी आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि ज्योति और उनके पति आलोक मौर्या के बीच गुपचुप समझौता हुआ है। संभव है कि जल्द ही ज्योति भी अपना मुकदमा वापस ले लें।

ज्‍योत‍ि ने पत‍ि के खिलाफ दर्ज कराया था दहेज उत्पीड़न का मुकदमा

उन्होंने धूमनगंज थाने में पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद आलोक ने शासन में शिकायत की थी कि ज्योति मौर्या ने पद का दुरुपयोग करते हुए लोगों से अवैध रूप से लेनदेन किया है। शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपर आयुक्त प्रशासन, एडीएम प्रशासन व एसीएम प्रथम की जांच कमेटी गठित की थी।