लखनऊ में रेलवे की परीक्षा देने आए युवक को पीटकर ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई रकम, मोबाइल तोड़ा; आठ गिरफ्तार
Lucknow Crime News: आरोपितों का तरीका रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को निशाना बनाना था। खासकर ऐसे यात्रियों की तलाश की जाती थी जो बाहर से लखनऊ आते थे और जिन्हें शहर की जानकारी नहीं होती थी।

पुलिस ने गिरोह के आठ लुटेरों को गिरफ्तार किया
HighLights
रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा देने मऊ से आया था युवक
ऐशबाग स्टेशन से पीछे उसके लगे थे आरोपित
कमरा दिलाने का झांसा देकर यात्री को फंसाया
बाजारखाला थाना की पुलिस ने किया राजफाश
जागरण संवाददाता, लखनऊ। रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को कमरा दिलाने या मदद का झांसा देकर सुनसान स्थान पर ले जाने के बाद उनसे डिजिटल माध्यम से जबरन रुपये ट्रांसफर कराने वाले गिरोह का बाजारखाला पुलिस ने राजफाश किया। पुलिस ने गिरोह के आठ लुटेरों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों ने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा देने लखनऊ आए एक युवक को निशाना बनाया था। उसे डराने-धमकाने और मारपीट के बाद गूगल-पे से पांच बार रकम ट्रांसफर कराई गई। बाद में साक्ष्य मिटाने केलिए पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर मोबाइल भी तोड़ दिया।
इंस्पेक्टर बाजारखाला ब्रजेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित लखनऊ में कमता के राज उर्फ राज वर्मा, निखिल रावत, अभिजीत राजपूत, राज राजपूत, मेराज अहमद, आदित्य वर्मा, इंदिरानगर के धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरज और खरगापुर के निसार अहमद शामिल हैं। आरोपितों के कब्जे से डिजिटल ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल मोबाइल फोन, बिना नंबर की टीवीएस स्कूटी और हीरो पैशन प्रो बाइक बरामद की है।
मऊ के सुधाकर पाल 11 अगस्त को रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा देने लखनऊ आए थे। वह दस अगस्त की रात करीब 11 बजे कैफियात एक्सप्रेस से ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। आरोप है कि स्टेशन पर कुछ युवक उसके पीछे लग गए। उन्होंने कमरा दिलाने की बात कहकर उसे अपने झांसे में लिया और टेंपो से चारबाग रेलवे स्टेशन ले गए। इसके बाद आरोपित एक सुनसान स्थान पर ले गए। वहां उसे डराया-धमकाया और मारपीट की गई।
आरोपितों ने उनका मोबाइल अपने कब्जे में लेकर गूगल-पे के माध्यम से पांच बार धनराशि ट्रांसफर कराई। युवक के विरोध करने पर उसका मोबाइल तोड़ दिया गया। इसके बाद पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया गया, जिससे वह अचेत हो गया। पीड़ित की तहरीर पर बाजारखाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से आरोपितों की पहचान हुई। लगातार तलाश के बाद 15 अगस्त की रात करीब 1:54 बजे ऐशबाग रेलवे स्टेशन के पास आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों का तरीका रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को निशाना बनाना था। खासकर ऐसे यात्रियों की तलाश की जाती थी जो बाहर से लखनऊ आते थे और जिन्हें शहर की जानकारी नहीं होती थी। उन्हें कमरा दिलाने या अन्य सहायता का झांसा देकर सुनसान स्थान पर ले जाया जाता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य भी पहुंच जाते थे। इसके बाद डराकर डिजिटल माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि धीरेन्द्र के खिलाफ प्रतापगढ़ के पट्टी थाने में मारपीट, रंगदारी, धमकी समेत तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस गिरोह के अन्य मामलों और आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

