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अब आम लोग भी कर सकेंगे सरकारी स्टूडियो का इस्तेमाल, पॉडकास्ट से लेकर Live टेलीकास्ट तक देने होंगे इतने पैसे

Updated: Thu, 11 Jun 2026 06:05 PM (IST)

लखनऊ में नगरीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (NIRD) का सरकारी स्टूडियो अब आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए व्यावसायिक उपयोग हेतु उपलब्ध होगा।

एआई जेनेरेटेड तस्वीर

एआई जेनेरेटेड तस्वीर

HighLights

  1. सरकारी स्टूडियो अब आम जनता के लिए उपलब्ध।

  2. पॉडकास्ट, इंटरव्यू, लाइव प्रसारण की दरें तय।

  3. डिजिटल सामग्री निर्माण को मिलेगा बढ़ावा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। इंटरनेट मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अब आम नागरिक, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान, स्टार्टअप और कंटेंट क्रिएटर भी सरकारी स्टूडियो की पेशेवर सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

नगरीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (एनआईआरडी) ने अपने स्टूडियो के व्यावसायिक उपयोग के लिए पॉडकास्ट, इंटरव्यू और इंटरनेट मीडिया लाइव प्रसारण की दरें निर्धारित कर दी हैं। संस्थान ने 10 से 15 मिनट के पॉडकास्ट के लिए नौ हजार रुपये और इसी अवधि के इंटरव्यू के लिए 15 हजार रुपये शुल्क तय किया है। वहीं यूट्यूब और फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर दो घंटे के लाइव प्रसारण के लिए 21 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं।

रिकॉर्डिंग से जुड़े सभी काम प्रोडक्शन मैनेजर की देखरेख में होंगे

अब तक ऐसी सुविधाओं के लिए लोगों को निजी स्टूडियो पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी संसाधनों का उपयोग कर अपेक्षाकृत व्यवस्थित और संस्थागत माहौल में रिकॉर्डिंग और प्रसारण कराया जा सकेगा।

इससे डिजिटल कंटेंट निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जनजागरूकता अभियानों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है। नगरीय निकाय निदेशक अनुज कुमार झा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संस्थान के अलावा अन्य विभाग, संस्थान और व्यक्ति भी निर्धारित शुल्क जमा कर इन सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।

इसके लिए एनआईआरडी के सहायक निदेशक को नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है। रिकॉर्डिंग से जुड़े सभी कार्य प्रोडक्शन मैनेजर की देखरेख में संपन्न होंगे। सरकारी संस्थान की इस पहल को डिजिटल संचार के क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार और राजस्व सृजन के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इससे कंटेंट क्रिएटर्स, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को गुणवत्तापूर्ण रिकॉर्डिंग एवं प्रसारण सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेगी।

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