दारोगा के घर लाखों की चोरी का खुलासा- पेड़ पर बैठकर लाइव लोकेशन दे रहा था साथी चोर, लखनऊ में चार गिरफ्तार
पीजीआई पुलिस ने मलिहाबाद थाने के एसएसआई के घर हुई 25 लाख की चोरी का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

पीजीआइ थाना क्षेत्र में दारोगा के घर चोरी करनेवाले चारों बदमाश पुलिस गिरफ्त में। पुलिस
HighLights
मलिहाबाद एसएसआई के घर से 25 लाख के जेवर चोरी।
एक चोर पेड़ पर बैठकर लाइव लोकेशन देता था।
पीजीआई पुलिस ने चार आरोपी पकड़े, अधिकांश माल बरामद।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। मलिहाबाद थाने में तैनात एसएसआई संजय यादव के रायबरेली रोड स्थित घर में हुई लाखों रुपये के जेवरात की चोरी का पीजीआई पुलिस ने मंगलवार को राजफाश कर दिया। पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर अधिकांश चोरी का माल बरामद कर लिया है, जबकि गिरोह का अन्य सदस्य की तलाश की जा रही है।
इंस्पेक्टर पीजीआई सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि चोरों ने वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया था। गिरोह का एक सदस्य घर के पास स्थित पेड़ की सबसे ऊंची डाल पर चढ़कर बैठ गया था। वह मोबाइल के जरिए लगातार अपने साथियों को बाहर की गतिविधियों और आने-जाने वालों की लाइव लोकेशन देता रहा।
इसी दौरान उसके साथी घर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और अलमारी में रखे करीब 25 से 30 लाख रुपये के जेवरात समेटकर फरार हो गए। घटना आठ जून की है। रायबरेली रोड के हैबत मऊ मवैया निवासी एसएसआई संजय यादव अपने परिवार के साथ बच्चे के मुंडन संस्कार में शामिल होने विंध्याचल गए थे।
आरोपितों ने उन्हें घर से निकलते हुए देख लिया था और उसी समय चोरी की योजना बना ली। देर रात करीब 12 बजे बदमाश वारदात को अंजाम देने पहुंचे। घटना के बाद एसएसआई की पत्नी की तहरीर पर पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
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पुलिस ने सीसी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में अर्जुन रावत निवासी पिपरौली, सुदैफ अली निवासी मोहनलालगंज मऊ, विनय कुमार और दीपक यादव निवासी हैबत मऊ मवैया शामिल हैं।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से अधिकांश चोरी का सामान बरामद कर लिया गया है। गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। उसके पास भी चोरी का कुछ सामान बरामद हो सकता है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सभी आरोपितों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।