विमान जैसी सेवा के नाम पर धोखा, तेजस एक्सप्रेस के शौचालय में पानी नहीं और दरवाजे के सेंसर भी खराब
Tejas Express: पिछले तीन महीने में तेजस एक्सप्रेस में मेंटनेंस की लापरवाही को लेकर 19 शिकायतें दर्ज की गई हैं। ...और पढ़ें

बोगियों में पानी तक नहीं भर पाता---तेजस एक्सप्रेस
HighLights
देश की पहली कारपोरेट सेक्टर की ट्रेन के मेंटनेंस में लापरवाही बरत रहा रेलवे
टेलीविजन बंद रहते हैं और कांच की सफाई तक नहीं होती
जागरण संवाददाता, लखनऊ। देश की कारपोरेट सेक्टर की पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में महंगा किराया देने वाले यात्रियों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे इसकी मेंटनेंस में लापरवाही बरत रहा है।
इसके चलते बोगियों में पानी तक नहीं भर पाता है। टेलीविजन बंद रहते हैं। कांच की सफाई तक नहीं होती है। ऐसा तब है जबकि आइआरसीटीसी रेलवे प्रशासन को सफाई , मेंटनेंस के शुल्क का भुगतान करता है। एसी चेयरकार का नई दिल्ली का किराया 2200 और एक्जक्यूटिव क्लास का 2500 रुपये तक रहता है।
यात्री निर्वाण रविवार को तेजस एक्सप्रेस से लखनऊ से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। बोगी सी-3 की सीट नंबर 4 और 15 पर उनका आरक्षण था। इसके लिए करीब दो हजार रुपये प्रति यात्री की दर से उन्होंने टिकट के किराये का भुगतान किया। सफर शुरू हुआ तो बोगी के भीतर की हालत देखकर हैरान रह गए।
शौचालय के भीतर पानी नहीं था। स्लाइडिंग दरवाजे और खिड़की की सफाई न होने से गंदगी जमा थी। स्लाइडिंग दरवाजे का सेंसर खराब होने के कारण वह खुद ही खुल और बंद हो रहा था। यात्रियों के मनोरंजन के लिए लगी टीवी और साउंड सिस्टम भी काम नहीं कर रहे हैं।
खराब मेंटनेंस के कारण अधिक चर्चित
ट्रेनों की मेंटनेंस में लापरवाही का यह प्रकरण कारपोरेट सेक्टर की देश की पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का है। विमान की तरह फ्लेक्सी किराए वाली यह ट्रेन अब खराब मेंटनेंस के कारण अधिक चर्चित हो गई है। इस ट्रेन का लखनऊ से नई दिल्ली का किराया शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी सभी प्रीमियम ट्रेनों से अधिक है। यात्री चेयरकार का किराया औसतन 2200 रुपये और एक्जक्यूटिव क्लास का किराया 2500 रुपये तक देते हैं।
आईआरसीटीसी करता है ट्रेन का संचालन
आईआरसीटीसी इस ट्रेन का संचालन करता है। आइआरसीटीसी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन को प्रति वर्ष 70 करोड़ रुपये का भुगतान करता है। इसमें मेंटनेंस के लिए फिक्स चार्ज, प्रति किलोमीटर की दर से बिजली की खपत, लोको पायलट, ट्रेन प्रबंधक और साथ जाने वाले कर्मचारियों का वेतन शामिल है।
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तेजस एक्सप्रेस के रखरखाव की कमियां पिछले एक साल के दौरान कई बार सामने आयी हैं। आधुनिक उपकरणों वाली इस ट्रेन के उपकरण रेल कोच फैक्ट्री से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही सफाई और पानी भरने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। पिछले तीन महीने में तेजस एक्सप्रेस में मेंटनेंस की लापरवाही को लेकर 19 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
स्थायी समाधान के प्रयास जारी
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक आईआरसीटीसी, अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस में रखरखाव को लेकर आने वाली खामियों की शिकायतें आने पर उनकी रिपोर्ट उसी दिन डीआरएम आफिस के अधिकारियों को दे दी जाती है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से शिकायतें आ रही हैं। इसके स्थायी समाधान के प्रयास हो रहे हैं।