विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India Bharat: 20 साल पहले भी देश का नाम बदलने के लिए आया था संशोधन प्रस्ताव, मुलायम सिंह ने किया था नेतृत्व

By Shobhit SrivastavaEdited By: Shivam Yadav
Published: Wed, 06 Sep 2023 02:13 AM (IST)

इंडिया का नाम भारत करने का प्रस्ताव मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2004 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान विधानसभा से ...और पढ़ें

मुलायम सिंह ने वर्ष 2004 में पास कराया था इंडिया का नाम भारत करने का प्रस्ताव
मुलायम सिंह ने वर्ष 2004 में पास कराया था इंडिया का नाम भारत करने का प्रस्ताव

HighLights

  1. सीएम रहते मुलायम सिंह ने पेश किया था संविधान संशोधन का प्रस्ताव
  2. सर्वसम्मति से पास हुआ था केंद्र को संविधान संशोधन भेजने का प्रस्ताव

लखनऊ, राज्य ब्यूरो: इंडिया या भारत देश के नाम को लेकर इन दिनों बहस चल रही है। इस बहस ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब राजधानी दिल्ली में होने वाली जी-20 की बैठक के दौरान राष्ट्रपति भवन में होने वाले रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र में ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया है। वैसे इंडिया का नाम भारत करने का प्रस्ताव मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2004 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान विधानसभा से पास कराया था। मुलायम ने खुद यह प्रस्ताव सदन में पेश किया था। इसे सर्वसम्मति से पास करते हुए संविधान के अनुच्छेद एक में संशोधन के लिए केंद्र सरकार भेजने की बात कही थी।

सपा ने वर्ष 2004 के चुनावी घोषणापत्र में भी देश का नाम ‘इंडिया’ से भारत करने के लिए संविधान संशोधन का वादा किया था। सरकार बनने के बाद मुलायम सिंह ने तीन अगस्त 2004 को विधानसभा में देश का नाम बदलने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था। 

सर्वसम्मति से पास हुआ था प्रस्ताव

इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से संविधान के भाग-1 के अनुच्छेद-1 में ‘इंडिया दैट इज भारत’ के स्थान पर ‘भारत दैट इज इंडिया’ करने के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन करने की बात थी। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ था।

सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी कहते हैं कि मुलायम सिंह हमेशा एक देश एक नाम के पक्ष में थे। उन्होंने खुद विधानसभा में संविधान में दर्ज ‘इंडिया दैट इज भारत’ के स्थान पर ‘भारत दैट इज इंडिया’ करने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था।