गोंड समाज ने विश्व आदिवासी दिवस पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की उठाई मांग
लखनऊ में विश्व आदिवासी दिवस समारोह में गोंड समाज ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नए शासनादेश की मांग की। कार्यक्रम में समाज के नेताओं ने उपजातियो ...और पढ़ें

HighLights
लखनऊ में विश्व आदिवासी दिवस पर गोंड समाज का समारोह।
जाति प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नए शासनादेश की मांग।
उपजातियों के नाम संशोधन और जनजाति आयोग गठन की भी मांग।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गोंड समाज की ओर से रविवार को हनुमान सेतु के पास स्थित झूलेलाल वाटिका में विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। गोंडी धर्माचार्यों ने बड़ादेव के पूजन वंदन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
बहराइच के पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कहा कि गोंड जाति 27 जुलाई 1977 से संपूर्ण उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं वर्ष 2003 से अब तक तक 17 जिलों में अनुसूचित जन जाति की सूची में है। कहीं पर लोगों को जाति प्रमाण पत्र मिल रहा है तो कहीं नहीं।
इस दौरान सत्यापन समितियों की मनमानी, तथाकथित नेपाली समाज थारू समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा दुष्प्रचार से समाज को होने वाले नुकसान पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व्यस्तता की वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
आसोम से आए पूर्व सांसद नव कुमार सरनिया, बहराइच के सांसद डा. आनंद कुमार गोंड एवं संजय कुमार गोंड विशिष्ट अतिथि रहे। बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे।
भारतीय गोंड समुदाय कल्याण समिति के अध्यक्ष दशरथ प्रसाद गोंड ने कहा कि समाज कल्याण मंत्री ने जाति प्रमाण पत्रों को लेकर की गई मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
अरुण कुमार गोंडवंशी ने गोंड जाति की उपजातियों धुरिया, नायक, ओझा, पठारी, राजगोंड के नामों को लेकर एक्ट में संशोधन करने की मांग की। संजय गोंड ने आदिवासी समाज सोनभद्र की समस्या उठाया एवं अलग से प्रदेश में जनजाति आयोग गठन करने की मांग की।