Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    केजीएमयू में डॉक्टरों ने कहा- सही समय पर जांच और इलाज कराने से ठीक हो सकता है गठिया रोग

    By Dharmendra MishraEdited By:
    Updated: Sun, 30 Jan 2022 03:09 PM (IST)

    अगरेेेेेेेेेेे आपके जोड़ों में दर्द है तो इसे नजरअंदाज न करें। इससे आपको गठिया की शिकायत हो सकती है। समय पर इलाज कराने और डाक्टर से सलाह लेने पर दर्द ...और पढ़ें

    समय पर जांच और इलाज कराने से संभव है गठिया रोग का इलाज।
    समय पर जांच और इलाज कराने से संभव है गठिया रोग का इलाज।

    लखनऊ, जागरण संवाददाता। अगरेेेेेेेेेेे आपके जोड़ों में दर्द है तो इसे नजरअंदाज न करें। इससे आपको गठिया की शिकायत हो सकती है। समय पर इलाज कराने और डाक्टर से सलाह लेने पर दर्द से काफी हद तक राहत मिल सकती है। लापरवाही करने पर आप जीवन भर इसके मरीज बने रह सकते हैं। खून की जांच से गठिया की पहचान मुमकिन है। यह बात केजीएमयू में न्यूजीलैंड की गठिया रोग विशेषज्ञ डा. सुजाता कमलक्षा ने कही।

    केजीएमयू के पैथोलाजी विभाग की तरफ से शनिवार को गठिया में जांच की उपयोगिता विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इस दौरान डा. सुजाता कमलक्षा ने कहा कि कम उम्र के लोगों में गठिया घातक साबित हो सकता है। लंबे समय में गठिया होने से ज्यादातर जोड़ प्रभावित हो सकते हैं। हड्डियां कमजोर हो जाती है। जिससे रुमेटाइड आर्थराइटिस सबसे आम है। उन्होंने बताया कि गठिया से काफी हद तक निजात पाने के लिए कम से कम पांच साल लग सकते हैं। गठिया की सटीक पहचान खून की जांच से संभव है। जिसमें ब्लड काउंट, सीआरपी आदि जांच शामिल हैं। यदि ये जांच सामान्य हो तो विटामिन डी की जांच कराएं।

    इन जांचों से भी गठिया लगा सकते हैं पताः अगर किसी कारणवश गठिया का पता नहीं चलता है तो डाक्टर की सलाह पर फैक्टर और एंटी-सीसीपी एंटीबाडी जांच करा सकते हैं। शरीर में इस एंटीबाडी की मौजूदगी से गठिया का पता चल सकता है। कुछ मामले में एंटीबाडी चिन्हित नहीं होती है। ऐसे लोगों में भी गठिया निकलता है। युवा मरीजों को खास सावधानी की जरूरत होती है। आर्थराइटिस होने तक दवा को खाते रहना जरूरी है।