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यूपी में बाढ़ का कहर: 8 की मौत और कई नदियां उफान पर, सैकड़ों गांव जलमग्न; चित्रकूट में अब तक 565 मकान गिरे

Published: Fri, 04 Sep 2026 05:00 AM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 07:05 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है, जिससे गंगा, यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं।

चित्रकूट में अब तक 565 मकान गिरे। फोटो जागरण

चित्रकूट में अब तक 565 मकान गिरे। फोटो जागरण


HighLights

  1. उत्तर प्रदेश में बाढ़ से आठ लोगों की मौत हुई।

  2. गंगा, यमुना सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर।

  3. चित्रकूट में 565 मकान गिरे, सैकड़ों गांव जलमग्न।

जागरण टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी से बाढ़ का संकट थमा नहीं है। गंगा, यमुना, मंदाकिनी, टोंस, बेलन, सरयू, घाघरा और शारदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट गया और फसलें भी जलमग्न हो गई।

चित्रकूट, इटावा, बांदा, सीतापुर, बाराबंकी और संभल समेत कई जिलों में बारिश और बाढ़ से हुए हादसों में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव दल तैनात किए हैं। चित्रकूट में 32 वर्षीय कल्लू यादव, उनके पांच वर्षीय बेटे अंश और एक वर्षीय बेटी गुड़िया की कच्चे मकान के मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी और एक बेटी गंभीर घायल हैं। जिले में अब तक 565 मकान गिर चुके हैं। मंदाकिनी में बाढ़ से रामघाट समेत 16 गांव जलमग्न हैं।

बुजुर्ग महिला की मौत

29 अगस्त को नदी का जलस्तर 135.200 मीटर के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा था। पिछले 48 घंटे से जलस्तर करीब 129 मीटर बना हुआ है, जबकि खतरे का निशान 126.500 मीटर है। रामघाट क्षेत्र में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इटावा में बिजली गिरने से 12वीं के छात्र 18 वर्षीय दिव्यांश रावत की मौत हो गई।

बांदा में पेड़ गिरने से एक बाइक सवार की जान चली गई और दो चचेरे भाई घायल हुए। सीतापुर में कच्ची दीवार गिरने से एक महिला की मौत हुई, जबकि बाराबंकी में दीवार गिरने से ससुर की मौत और दामाद घायल हो गया। संभल में बिजली गिरने से मकान ढहने पर पांच लोग घायल हुए, जबकि छत से गिरकर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।