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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा, बेटे अमनमणि को उतारने की योजना

Published: Mon, 31 Aug 2026 03:38 PM (IST)

Amarmani Tripathi: मायावती सरकार में मंत्री रहे आजीवन कारावास की सजा काट चुके अमरमणि त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ...और पढ़ें

अमरमणि त्रिपाठी                                                 अमनमणि

अमरमणि त्रिपाठी अमनमणि 

HighLights

  1. 20 वर्ष बाद जेल से रिहा अमरमणि ने महराजगंज में बढ़ाई सक्रियता

  2. अमरमणि त्रिपाठी के इस कदम से बनने लगे राजनीति में नए समीकरण

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। युवा कवयित्री लखीमपुर खीरी की मधुमिता शुक्ला के हत्यारे अमरमणि त्रिपाठी ने राजनीति में फिर सक्रिय होने की घोषणा की है। महराजगंज में सक्रियता बढ़ाने के साथ अमरमणि त्रिपाठी ने 2027 का विधानसभा चुनाव महराजगंज से लड़ने का ऐलान किया है।

महराजगंज के फरेंदा की कृष्णा मैरिज हॉल में रविवार को एक जन संवाद कार्यक्रम में अमरमणि ने आम लोगों से भेंट की और उनके सामने अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम में पूर्व विकलांग एवं राज्य मंत्री श्याम नारायण तिवारी भी मौजूद थे।

मधुमिता शुक्ला की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काटने के बाद अमरमणि त्रिपाठी करीब 20 वर्ष बाद लोगों के सामने आया। अमरमणि ने स्वयं के फरेंदा से और बेटे अमनमणि को नौतनवा से विधानसभा का चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। जनसंवाद कार्यक्रम मे अमरमणि त्रिपाठी ने लोगों से मुलाकात की और कहा कि युवाओं ने श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में सरकारें बदल दीं। भारत में युवाओं के दबाव में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

जनता से रिश्ता केवल चुनाव तक सीमित नहीं 

अमरमणि त्रिपाठी ने कहा कि हमारा परिवार लंबे समय से जनता के बीच रहकर राजनीति करता आया है। हमारा तो जनता से रिश्ता केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। हम आगे भी लोगों के बीच रहेंगे और उनके सुख-दुख में साथ सदैव खड़े रहेंगे। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र पर अपना दावा जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र पहले भी उनका था और आगे भी रहेगा।

परिवार के पुराने रिश्ते का जिक्र

इसके साथ ही जोर देकर कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से जनता की सेवा कर रहा है। उनका परिवार जनता के बीच रहकर राजनीति करता आया है। फरेंदा विधानसभा से अपने परिवार के पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए अमरमणि त्रिपाठी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे हर सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे। इस दौरान उनके वादों को लेकर उनके कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखा। अमरमणि की वापसी से क्षेत्र की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने भी किया समर्थन

अमरमणि के बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने भी अपने पिता का समर्थन किया और लोगों से उन्हें चुनाव में जीत दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं यहां अपने पिता के लिए समर्थन मांगने आया हूं ताकि इन बेईमानों पर लगाम लगे। कुछ दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नौतनवा के एक निजी अस्पताल का उद्घाटन किया। यहां पर अमरमणि के समर्थकों ने अमरमणि और अमनमणि जिंदाबाद के नारे लगाए।

अमरमणि जेल में रहते हुए चुनाव जीता

2007 में यूपी में विधानसभा चुनाव के दौरान बसपा ने अमरमणि को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद सपा ने उसे महराजगंज की नौतनवा सीट से प्रत्याशी बना दिया। अमरमणि जेल में रहते हुए चुनाव जीत गया। इसके कुछ ही महीनों बाद 24 अक्टूबर, 2007 को देहरादून की स्पेशल कोर्ट ने उसको और पत्नी को मधुमिता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुना दी और इसके साथ ही उसकी विधायकी भी चली गई थी। एक वक्त था जब अमरमणि उनकी गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती थी।