राज्य के विश्वविद्यालयों में बेहतर होगा समन्वय, KGMU समेत तीन विश्वविद्यालयों में UP विधान सभा के प्रतिनिधि नामित
UP Vidhan Sabha: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के लिए कानपुर नगर की नीलिमा कटियार और फर्रुखाबाद के मेजर सुनील दत्त द्विवे ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश विधान भवन
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विधान सभा अध्यक्ष ने छह सदस्यों को दी बेहतर समन्वय की जिम्मेदारी
विधान सभा उपवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुपालन में किया गया नामांकन
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने के लिए छह सदस्यों को नामित किया है। यह नामांकन 30 अप्रैल के विधान सभा उपवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुपालन में किया गया है।
विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इन सदस्यों को नामित किया। इसमें किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ में विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने के लिए लखनऊ के ओपी श्रीवास्तव और जौनपुर की डॉ. रागिनी को नामित किया गया है।
इसी तरह चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के लिए कानपुर नगर की नीलिमा कटियार और फर्रुखाबाद के मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को प्रतिनिधि बनाया गया है। वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने के लिए शामली के प्रसन्न कुमार और मेरठ के अतुल प्रधान को नामित किया गया है।
विश्वविद्यालयों की सीनेट या कार्यकारी परिषद में विधानमंडल (विधान सभा या विधान परिषद) के सदस्यों को नामित करने की प्रक्रिया संबंधित राज्य के विश्वविद्यालय अधिनियम और विधायी नियमों के तहत संचालित होती है।
इनका नामांकन विश्वविद्यालयों के अधिनियमों में यह प्रावधान होता है कि अकादमिक और प्रशासनिक मामलों में समन्वय के लिए सदन के सदस्यों को नामित किया जाए। विधान सभा अध्यक्ष या विधान परिषद के सभापति अपने सदन से सदस्यों का चयन कर विश्वविद्यालय की सीनेट या शासी निकाय में भेजते हैं।नामित सदस्य विश्वविद्यालय की नीतियों, बजट और विकास कार्यों में सदन का प्रतिनिधित्व करते हैं।