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    आम बजट से प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर से पर्यटन तक मिलेगी नई रफ्तार: योगी आदित्यनाथ

    By Shobhit Srivastava Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Mon, 02 Feb 2026 05:26 PM (GMT+05:30)

    CM Yogi Adityanath Press Conference on Budget 2026: सीएम योगी आदित्यनाथ ने विजनरी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारण ...और पढ़ें

    विशेष प्रेस कान्फ्रेंस में सीएम योगी आदित्यनाथ

     विशेष प्रेस कान्फ्रेंस में सीएम योगी आदित्यनाथ

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री बोले यह बजट राष्ट्र प्रथम की भावना, सुधारों और वित्तीय अनुशासन का सजीव दस्तावेज

    2. प्रदेश के लिए अवसरों का बजट, कनेक्टिविटी, रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

    3. रेल कारिडोर, लाजिस्टिक हब, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र होगा और मजबूत

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम बजट 2026-27 को देश के भविष्य की ठोस आधारशिला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की स्पष्ट अभिव्यक्ति है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहला अवसर है जब बजट कर्तव्य भवन से बनकर सामने आया है, जो हर भारतीय को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाता है। राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ ही सुधारों और वित्तीय अनुशासन का यह बजट सजीव दस्तावेज है। इस आम बजट से प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर पर्यटन तक सभी क्षेत्रों में नई रफ्तार मिलेगी।

    केंद्रीय बजट पेश होने के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर आयोजित विशेष प्रेस कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में शासन की कार्यसंस्कृति बदली है। अब योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि धरातल पर प्रभाव दिखाती हैं। इसी सुशासन का परिणाम है कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले, इनमें छह करोड़ लोग प्रदेश के हैं। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

    आम नागरिक आत्मगौरव के साथ विकास यात्रा में सहभागी बन रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जब नीति स्पष्ट होती है और नीयत साफ होती है, तो परिणाम अपने आप सामने आते हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए घोषित 10 हजार करोड़ रुपये प्रदेश के लिए गेमचेंजर साबित होंगे। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाई हैं, जिनसे करीब तीन करोड़ लोग जुड़े हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) को नई तकनीक, पैकेजिंग, डिजाइनिंग और एक्सपोर्ट से जोड़ने में यह बजट बड़ी भूमिका निभाएगा।

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    मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित 12.20 लाख करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि यह निवेश कनेक्टिविटी, लाजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। रेलवे कारिडोर से यूपी का नक्शा बदलेगा। देश में प्रस्तावित सात नए रेलवे कारिडोर में से दो दिल्ली-वाराणसी व वाराणसी-सिलीगुड़ी प्रदेश को मिले हैं। इसके अलावा ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर यूपी से होकर गुजर रहे हैं, जिससे प्रदेश में देश का सबसे बड़ा लाजिस्टिक हब आकार ले रहा है। देश का पहला इनलैंड वाटर वे वाराणसी-हल्दिया पहले से संचालित है।अयोध्या-हल्दिया, राप्ती और गोमती नदी को भी वाटर वे से जोड़ने की तैयारी है। वाराणसी में मल्टी-माडल लाजिस्टिक हब और शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित होगा, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी।

    बायो-फार्मा सेक्टर में यूपी को मिलेगा वैश्विक मंच

    बजट में घोषित दस हजार करोड़ रुपये के बायो-फार्मा फंड को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनने में मदद मिलेगी। यूपी पहले से इस दिशा में तैयार है और लखनऊ में आयोजित फार्मा कान्क्लेव इसका प्रमाण है। ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क, गौतमबुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क यूपी को ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनाने में मदद मिलेगी।

    महिला सशक्तिकरण में बड़ी छलांग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में यूपी में महिला कार्यबल तीन गुना बढ़ा है। पहले 12 प्रतिशत महिला कार्यबल था जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया है। पिछले बजट में कामकाजी महिलाओं के लिए सात हास्टल मिले थे और इस बार हर जिले में एक कामकाजी महिला हास्टल की घोषणा की गई है, जो महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगा।

    पर्यटन में यूपी बना माडल राज्य

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत अब आर्थिक ताकत बन रही है। प्रयागराज, काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, विंध्यवासिनी धाम और बौद्ध सर्किट ने प्रदेश को देश का प्रमुख पर्यटन हब बना दिया है। इस वर्ष माघ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी पुराने रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पर्यटन में प्रदेश माडल राज्य बन गया है। बजट में घोषित 15 पुरातात्विक स्थल के विकास में प्रदेश के दो महत्वपूर्ण स्थल सारनाथ (वाराणसी) व हस्तिनापुर (मेरठ) शामिल हैं। इससे ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को मजबूती मिलेगी।

    इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के 55 प्रतिशत मोबाइल फोन यूपी में निर्मित हो रहे हैं। 60 प्रतिशत इलेक्ट्रानिक पुर्जे का उत्पादन प्रदेश करता है। दो लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित हो चुका है। यह यूपी को मेक इन इंडिया का प्रमुख केंद्र बनाता है। प्रदेश में अब तक 700 मेगावाट क्षमता के डाटा सेंटर स्थापित हैं। 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं। सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणा से यूपी को और मजबूती मिलेगी।

    स्वास्थ्य, आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म को नई उड़ान

    बजट में घोषित पांच आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेदा प्रदेश के लिए बड़ा अवसर है। भले ही अभी केंद्र सरकार ने उन पांच स्थलों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है जहां इसे खोला जाना है किंतु मुख्यमंत्री प्रदेश में इसे खुलने को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने वाराणसी को आयुर्वेद का केंद्र बताते हुए कहा कि भगवान धन्वंतरि की जन्मस्थली काशी से आयुर्वेद को वैश्विक पहचान मिलेगी। बजट से स्वास्थ्य, आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म को नई उड़ान मिलने की उम्मीद जताई है।

    ‘शी-मार्ट’ और ‘समर्थ’ से मिलेगा रोजगार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शी-मार्ट’ महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को सीधे बाजार से जोड़ने की पहल है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा। ‘समर्थ’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि खेल उद्योग और स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। मेरठ पहले से ही खेल का सामान बनाने का बड़ा केंद्र बन चुका है। इन दोनों ही योजनाओं से रोजगार और बढ़ेंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सबसे अधिक ग्राम पंचायतें यूपी में हैं। यहां 1.05 लाख से अधिक राजस्व ग्राम हैं। ग्रामीण उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने, कारीगरों व बुनकरों को बेहतर दाम मिलने का रास्ता खुलेगा।

    डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्रदेश मजबूत

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कारिडोर के छह नोड्स विकसित हो रहे हैं। अब तक 12,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से काफी बड़े पैमाने पर वह जमीनी धरातल पर उतर चुके हैं। 40 हजार युवाओं को रोजगार प्राप्त हो रहे हैं। ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण लखनऊ में चल रहा है। अडानी एम्युनिशन का कार्य भी कानपुर में युद्ध स्तर पर आगे बढ़ चुका है। स्वाभाविक रूप से डिफेंस के लिए बढ़ा बजट का लाभ यूपी को मिलेगा।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी माह उद्घाटन की तैयारी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर पूरी तरह तैयार है, एरोड्रम लाइसेंस की कार्यवाही अंतिम चरण में है। इसी महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा इसके उद्घाटन का प्रयास किया जा रहा है।

    विपक्ष पर हमला

    मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि हम लोगों ने छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाकर आत्म गौरव के साथ आगे बढ़ाया है। आखिर यह कार्य उन्होंने अपने समय में क्यों नहीं किया? उस समय ळभी पीडीए रहा होगा, लेकिन उस पीडीए की चर्चा तब क्यों नहीं की? तब इन्हें केवल परिवार की चिंता क्यों थी? पीडीए तो बहाना है, असली लक्ष्य तो परिवार है। परिवार के लिए कैसे हम लोगों को गुमराह कर सके। स्वाभाविक रूप से जो विजन लेस हैं जिनके पास भविष्य की कोई योजना नहीं है, वे लोग इस प्रकार की अनर्गल बातें करेंगे।