भाजपा ने की यूपी क्षेत्रीय कार्यसमिति की घोषणा, कई नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी
भाजपा ने उत्तर प्रदेश में काशी, अवध, ब्रज, कानपुर और गोरखपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए अपनी क्षेत्रीय कार्यकारिणी समितियों ...और पढ़ें

भाजपा ने यूपी के लिए की क्षेत्रीय कार्यसमिति टीम की घोषणा।
HighLights
भाजपा ने यूपी में क्षेत्रीय कार्यकारिणी समितियों की घोषणा की।
काशी, अवध, ब्रज, कानपुर, गोरखपुर क्षेत्रों के लिए समितियां बनीं।
कई नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं, टीम में शामिल।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भाजपा ने 25 जून को छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा की। चार जुलाई को राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने लखनऊ में कहा कि टीमें जल्द बनाई जाएं। उनके कहने के दो माह बाद क्षेत्रीय टीमें घोषित की गईं। अब यही टीम 2027 विधान सभा चुनाव एवं 2029 का लोकसभा चुनाव संभालेगी।
नवंबर 2020 के बाद अब नई क्षेत्रीय टीमें बनाई गईं। पिछली बार की तुलना में भाजपा ने सात की जगह दस-दस उपाध्यक्ष एवं मंत्री बनाया है, जबकि तीन की जगह अब चार महामंत्री बनाए गए हैं।
कानपुर में राजेश पटेल, काशी में कविता पटेल, ब्रज में राजेश्वर पटेल एवं अवध में अवधेश कटियार के रूप में चार कुर्मी चेहरों को महामंत्री बनाकर बड़ा संदेश दिया है। क्षेत्रीय टीमों को जहां पार्टी के कई दिग्गज संतुलित बता रहे हैं, वहीं एक खेमा चुनावी की दृष्टि से इसे साधारण टीम करार दे रहा।
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काशी क्षेत्रीय कार्यसमिति
भाजपा के काशी क्षेत्रीय कार्यसमिति की गुरुवार को क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने घोषणा कर दी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति के बाद घोषित नई कार्यसमिति में नौ क्षेत्रीय उपाध्यक्ष और चार महामंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा दस मंत्री और 12 सदस्य बनाए गए हैं।
विधान सभा चुनाव से पहले संगठन का मजबूत ढांचा खड़ा करने में जुटी भाजपा ने गुरुवार को क्षेत्रीय टीमों की घोषणा कर दी।पिछली बार मुख्य क्षेत्रीय टीम 26 सदस्यों की थी, जिसकी संख्या तीस से ज्यादा हो गई है।
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पश्चिम क्षेत्र की टीम में किसी ब्राह्मण को महामंत्री या उपाध्यक्ष नहीं बनाया गया है। अवध क्षेत्र में उपाध्यक्ष रहे राजीव मिश्रा को इस बार महामंत्री बनाया गया है। अवध में ब्राह्मणों की संख्या बढ़ाई गई है। सभी क्षेत्रों में जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है।
पश्चिम क्षेत्र में सैनी समाज के दो चेहरों को स्थान दिया गया है। महामंत्री बने अशोक मोगा और संजीव सिक्का की लंबे समय बाद संगठन में वापसी हुई है। अन्य क्षेत्रों में कई नामों को लंबे समय बाद संगठन में वापस लिया गया है। अनुभवी एवं युवा लोगों का समन्वय बनाया गया है। ब्रज, कानपुर क्षेत्र में भी जातीय समीकरणों का गुलदस्ता पूरी तरह सजाया गया है।
