आम ग्राहकों के लिए ई-मेल के जरिए फंड ट्रांसफर की सुविधा बंद, सिर्फ इन लोगों को ही मिल सकेगा लाभ
साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए बैंकों ने व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए ईमेल आधारित फंड ट्रांसफर सुविधा बंद कर दी है। ...और पढ़ें

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
पुलक त्रिपाठी, लखनऊ। बैंकों ने ग्राहकों (एनआरई -विदेशी मुद्रा के भारतीय खातों को छोड़कर) के लिए ई-मेल के आधार पर फंड ट्रांसफर की सुविधा बंद करने का फैसला किया है।
कॉर्पोरेट ग्राहकों पर इसका असर नहीं होगा, लेकिन इसके लिए कई अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अनिवार्य रहेंगे। बैंक अधिकारियों का कहना है कि साइबर धोखाधड़ी, फर्जी ई-मेल और दस्तावेजों के दुरुपयोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
नए निर्देशों के तहत, अब व्यक्तिगत ग्राहकों को धनराशि भेजने के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआइ, एनईएफटी, आरटीजीएस या शाखा में जाकर निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करना होगा।
बैंक अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों में बहुस्तरीय प्रमाणीकरण (ऑथेंटिकेशन) होने से लेनदेन अधिक सुरक्षित रहता है। अधिकारियों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल को बैंक रिकॉर्ड में रखें, लेकिन किसी भी लेनदेन के लिए केवल अधिकृत डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करें।
यह भी पढ़ें- राजपाल यादव के घर पर बैंक ने चस्पा किया कुर्की का नोटिस, ₹16 करोड़ के लोन से जुड़ा है पूरा मामला
बैंकों ने स्पष्ट किया है कि कॉर्पोरेट संस्थाओं और एनआरई ग्राहकों के लिए ई-मेल या फैक्स (उपलब्धता पर) आधारित भुगतान सुविधा जारी रहेगी।
साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप का असर
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में अपराधी अधिकारियों के नाम से नकली ई-मेल भेजकर करोड़ों का भुगतान अपने खातों में स्थानांतरित करा चुके हैं। ऐसे निर्णय आरबीआई द्वारा समय-समय पर जारी साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान सुरक्षा आदि को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
इस संबंध में दिशा निर्देश के बाद इसे लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य साइबर फ्राड पर अंकुश और ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग मुहैया कराना है।
- दीपक राकेश, महाप्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया