रामनगरी के संतों ने कसमंडी कला के पासी समुदाय को दिया समर्थन, शिव मंदिर होने का किया दावा
अयोध्या के संतों ने मलिहाबाद के कसमंडी कला स्थल पर पासी समुदाय के दावे का समर्थन किया है, जो इसे महाराजा राजपासी कंस के प्राचीन किले और शिव मंदिर का ह ...और पढ़ें

रामनगरी के संतों ने कसमंडी कला के पासी समुदाय को दिया समर्थन।

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जागरण संवाददाता, लखनऊ। मलिहाबाद स्थित कसमंडी कला स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब रामनगरी अयोध्या के संत पासी समुदाय के पक्ष में लामबंद होने लगे हैं। पासी समुदाय का दावा है कि जिसे वर्तमान में मकबरा बताया जा रहा है, वह क्षेत्र महाराजा राजपासी कंस के प्राचीन किले का हिस्सा था, जिसमें एक शिव मंदिर भी था।
अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि हमें अपनी विरासत, संस्कृति और राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए। पिछली सरकारों के कुछ मुद्दों के कारण लोग उतने जागरूक नहीं थे, जितने आज हैं।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि मुस्लिमों को यह सच स्वीकार करना होगा कि उनकी सांस्कृतिक-धार्मिक परंपरा भारतीय मूल पर आधारित है।
हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत राजूदास ने कहा कि हम पासी समुदाय को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह से समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। उधर, विवादित स्थल पर नमाज शुरू करने वाला बहराइच निवासी मौलाना फरार हो गया है।
स्थानीय लोग का आरोप है कि सुलेमानिया एजुकेशनल स्कूल (मदरसा) के मौलाना जमील अहमद ने करीब डेढ़ साल पहले ढांचे में नमाज शुरू कराई थी, जिससे विवाद बढ़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, तीन वर्ष पहले आए इस बाहरी व्यक्ति ने पुराने ढांचों की सफाई कर नमाज शुरू की और पास में ही बिना मान्यता का सुलेमानिया स्कूल खोला, जहां नबीपनाह गांव के मुस्लिम नट बिरादरी के 20 बच्चे रहकर पढ़ते थे।
लाखन पासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने बताया कि किले का यह स्थान लंबे समय से ऊसर पड़ा था, जिसे बाद में राजस्व रिकार्ड में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज कर दिया गया। इसका मुकदमा वर्तमान में सिविल जज के यहां विचाराधीन है। एसडीएम अंकित मौर्य और इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने मौके का निरीक्षण किया। ढांचे के पास पुलिस बल तैनात है और ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है।
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अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, वहां कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होगी। ग्रामीणों ने पूरे स्थल की पुरातत्व विभाग (एएसआइ) से जांच कराने की मांग की है। उधर, लाखन पासी आर्मी तथा अखंड आर्यावर्त महासभा ने बड़ा मंगल पर वहां हनुमान चालीसा पाठ का एलान किया है।
विवाद के पीछे भाजपा की साजिश
अवधेशकसमंडी विवाद के बीच अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने यह स्वीकार किया कि पासी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने इस विवाद को भाजपा की साजिश करार दिया।
कहा कि भाजपा चाहे जितना प्रयास कर ले पासी समाज उसके बहकावे में आने वाला नहीं है और उसने आगामी विधानसभा चुनाव के माध्यम से योगी आदित्यनाथ को हटा कर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कर लिया है।