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लखनऊ अग्निकांड : चार लाख लीटर पानी से बुझी आग, अब बिल्डिंग मालिक से पैसे वसूलेगा विभाग

Updated: Wed, 24 Jun 2026 06:13 AM (IST)

अलीगंज सेक्टर-डी स्थित अवैध व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग बुझाने में दमकल विभाग को चार लाख लीटर पानी का इस्तेमाल करना पड़ा। अब विभाग भवन मालिक से आग बुझाने में लगे साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक के खर्च की वसूली करेगा।

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HighLights

  1. अलीगंज अग्निकांड में आग बुझाने को चार लाख लीटर पानी लगा।

  2. दमकल विभाग भवन मालिक से साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक वसूलेगा।

  3. सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर खर्च वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई।

आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। अलीगंज सेक्टर-डी स्थित अवैध व्यावसायिक भवन में हुए भीषण अग्निकांड को काबू करने के लिए दमकल विभाग को भारी मशक्कत करनी पड़ी। आग इतनी विकराल थी कि उसे बुझाने के लिए करीब चार लाख लीटर पानी का इस्तेमाल करना पड़ा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अंकुश मित्तल ने बताया कि आग बुझाने में लगे पानी और संसाधनों पर आए खर्च की वसूली भवन मालिक और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों से की जाएगी।

दमकल अधिकारियों के मुताबिक सूचना मिलते ही एक के बाद एक करीब 20 फायर टेंडर और हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मौके पर पहुंचाए गए। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म को भवन के सामने खड़ा कर ऊपरी मंजिलों पर लगातार पानी की बौछार की गई। इसके अलावा अन्य फायर टेंडर लगातार पानी भरकर मौके तक पहुंचते रहे। आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए दमकल वाहनों ने करीब 70 से 80 चक्कर लगाए।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक फायर टेंडर के संचालन और पानी की आपूर्ति पर औसतन पांच से सात हजार रुपये तक का खर्च आता है। इस हिसाब से आग बुझाने में केवल पानी और वाहनों के संचालन पर ही साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक का खर्च अनुमानित है।

अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत आकलन के बाद वास्तविक राशि तय की जाएगी और उसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी। सीएफओ ने लोगों से समय-समय पर भवनों का सेफ्टी आडिट कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्युत तारों, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकास मार्गों की नियमित जांच से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

जहां मानक नहीं उनसे वसूला जाता खर्च

सीएफओ ने बताया कि जहां भी लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण आग लगने की पुष्टि होती है, वहां नियमों के तहत अग्निशमन कार्य में हुए खर्च की वसूली की जा सकती है। अलीगंज अग्निकांड में भी इसी आधार पर कार्रवाई की गई

है।

पहले भी हुई है वसूली


लेवाना होटल अग्निकांड (5 सितंबर 2022)

हजरतगंज स्थित लेवाना होटल में आग लगने से चार लोगों की मौत हुई थी। जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने के बाद दमकल विभाग ने होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की थी। आग बुझाने और बचाव अभियान में लगे संसाधनों के खर्च की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।

ट्रांसपोर्ट नगर गोदाम अग्निकांड (मई 2024)

ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में एक निजी गोदाम में लगी भीषण आग को बुझाने में कई फायर टेंडरों को घंटों तक जुटना पड़ा था। अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन मिलने पर विभाग ने संबंधित संचालकों पर कार्रवाई करते हुए संसाधनों के उपयोग का खर्च वसूला था।