यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी में 15 डायट बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र, 170 करोड़ खर्च किए जाने का प्रस्ताव तैयार; होंगी ये सुविधाएं
उत्तर प्रदेश में 15 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को 170 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यहां डिजिटल इंफ्रास्ट्रक् ...और पढ़ें

HighLights
- 170 करोड़ से 15 जिलों के डायट बनेंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस
- दूसरे चरण में इन जिलों में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
- आइसीटी व स्टेम लैब के साथ इनोवेशन सेल भी बनेंगी
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में 15 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यहां अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से ई लर्निंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इनफॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आइसीटी) और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व गणित (स्टेम) लैब स्थापित की जाएंगी। स्मार्ट क्लास में पढ़ाई होगी और सौर ऊर्जा प्लांट की मदद से बिजली की व्यवस्था की जाएगी। जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में बिजली की समस्या के कारण पढ़ाई बाधित न हो।
15 जिलों को किया गया शामिल
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के मुताबिक दूसरे चरण में 170 करोड़ रुपये खर्च कर जिन 15 जिलों के डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा, उनमें गाजीपुर, बरेली, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, प्रतापगढ़, भदोही, आजमगढ़, उन्नाव, हाथरस, कानपुर, सुलतानपुर, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, बागपत और कौशांबी शामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से इन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत धनराशि जारी करने के आदेश दे दिए हैं।
अब इन डायट में डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) के प्रशिक्षुओं को पढ़ाई के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यही नहीं परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
इन डायट में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हास्टल, सीसीटीवी कैमरे, सेमिनार हाल और आडिटोरियम भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। मालूम हो कि पहले चरण में पिछले वर्ष 13 जिलों के डायट को सेंटर आफ एक्सीलेंस योजना के तहत चयनित किया गया था। यहां 103 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य चल रहे है, इसमें अलीगढ़, आगरा, गोरखपुर, बाराबंकी, कानपुर देहात, जौनपुर, कुशीनगर, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी व लखनऊ शामिल हैं।
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