गेंदा और ग्लेडियोलस की खेती से किसानों की चमक रही किस्मत, शादियों के सीजन में होगी जबरदस्त कमाई
खीरी के किसान अब गन्ने और धान के बजाय गेंदा और ग्लेडियोलस जैसे फूलों की खेती से अपनी आय बढ़ाएंगे।

HighLights
मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना से खीरी में फूलों की खेती।
गेंदा और ग्लेडियोलस की व्यावसायिक खेती से किसानों की आय बढ़ेगी।
नेपाल तक खीरी के फूलों की मांग, किसानों को लाभ।
राकेश मिश्र , लखीमपुर। गन्ने और धान के साथ अब खीरी के खेत फूलों की खुशबू से भी महकेंगे। किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना के तहत गेंदा और ग्लेडियोलस की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जिले में दोनों फूलों के क्षेत्र विस्तार के लिए कुल 18 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को बीज निवेश के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
गेंदे की खेती के लिए सामान्य वर्ग में सात और एससी-एसटी वर्ग में तीन हेक्टेयर का लक्ष्य है। जिले में 15 से अधिक किसान पहले से गेंदा उगा रहे हैं। शादी-विवाह और त्योहारों में मांग बढ़ने के कारण इसे कम लागत वाली नकदी फसल के रूप में किसान अपना रहे हैं। गन्ने के साथ सहफसली खेती भी अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन रही है।
आठ हेक्टेयर में ग्लेडियोलस
ग्लेडियोलस की खेती के लिए सामान्य वर्ग में छह और एससी-एसटी वर्ग में दो हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। करीब 10 किसान पहले से इसकी खेती कर रहे हैं। इसकी रोपाई सितंबर-अक्टूबर में की जाती है।
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नेपाल में भी खीरी के फूलों की मांग
ग्लेडियोलस की बाजार में अच्छी मांग है। नेपाल की सीमा नजदीक होने से खीरी के ग्लेडियोलस के लिए वहां भी बाजार उपलब्ध है। किसानों को इसकी एक स्टिक का करीब 10 से 15 रुपये तक भाव मिलने की संभावना रहती है। इससे फूलों की खेती किसानों के लिए आकर्षक विकल्प बन रही है।
बीज के लिए नहीं लगानी होगी दौड़
योजना के तहत बीज कार्यालय में उपलब्ध है। पंजीकरण कराने वाले किसानों को पहले आवक, पहले पावक के आधार पर अनुदान सीमा तक बीज निवेश के रूप में दिया जाएगा।
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ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को उद्यान विभाग के डीबीटी पोर्टल डीबीटीडाटयूपीहार्टिकल्चरडाटइन
पर आनलाइन पंजीकरण करना होगा। आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी और सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक होगा।
अधिक क्षेत्र में फूल, अधिक आमदनी
मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना के तहत फूलों की खेती का क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य है। गेंदा और ग्लेडियोलस की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बन सकती है। इच्छुक किसान समय से पंजीकरण कर योजना का लाभ लें। लाभ पहले आवक, पहले पावक के आधार पर अनुदान सीमा तक दिया जाएगा।
मृत्युंजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी
