यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फसल बर्बाद हो जाए तो सरकार से कैसे लें मुआवजा, किस योजना में करें अप्लाई? यहां जानें डिटेल
लखीमपुर खीरी में कृषि विभाग ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दिशा-निर्देश ...और पढ़ें

HighLights
- प्राकृतिक आपदाओं से फसल बीमा का लाभ |
- 72 घंटे में बीमा कंपनी को सूचना |
- खरीफ 2024 के किसान ही पात्र |
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि भारी वर्षा, जलभराव (धान को छोड़कर), भूस्खलन, बादल फटना या आकाशीय बिजली से आग लगने जैसी घटनाओं में बोई गई अधिसूचित फसलों को बीमा कवरेज प्रदान किया गया है।
इसके अलावा कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान होने पर भी किसान बीमा दावे का लाभ उठा सकते हैं। लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि किसान 72 घंटे के भीतर अपनी क्षति की सूचना संबंधित बीमा कंपनी को दें।
जिले में यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी अधिकृत है। किसान टोल फ्री नंबर 14447, इंश्योरेंस ऐप, बैंक शाखा या कृषि/उद्यान विभाग कार्यालय में सूचना दर्ज करा सकते हैं। साथ ही जिला प्रतिनिधि से मोबाइल नंबर 9125975060 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि खरीफ 2025 में बीमा कराने वाले किसान ही योजना का लाभ उठा पाएंगे। समय से सूचना देने पर क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी।
