किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र अब बेसिक स्कूलों में होंगे शिफ्ट, 15 अगस्त तक पूरी होगी प्रक्रिया
कुशीनगर में किराए या सहयोग वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब नजदीकी प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में शिफ्ट किए जाएंगे। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
किराए वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब स्कूलों में होंगे शिफ्ट।
15 अगस्त तक पूरी होगी शिफ्टिंग प्रक्रिया, बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना मुख्य उद्देश्य।
जागरण संवाददाता, कुशीनगर। किराए या सहयोग वाले भवन में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र अब नजदीकी प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में शिफ्ट किए जाएंगें। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय और स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी आदेश के क्रम में जिले में इसकी कवायद शुरू हो गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने परिषदीय स्कूलों की 200 मीटर की परिधि में संचालित हो रहे ऐसे केंद्रों की सूची दो दिनों में तैयार करने के निर्देश दिए हैं। चिन्हित केंद्रों को 15 अगस्त तक नजदीकी प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जिले में कुल 4134 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 2900 प्राथमिक विद्यालय तथा 900 केंद्र बाल विकास विभाग के भवन में संचालित हो रहे हैं। शेष 334 किराए या अन्य भवनों में सहयोग से संचालित हो रहे हैं। इनमें 80 से अधिक केंद्र ऐसे हैं, जो दो सौ मीटर की परिधि में संचालित प्राथमिक विद्यालय व कंपोजिट विद्यालय के समीप हैं।
जल्द शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
इन आंगनबाड़ी केंद्रों को अब नजदीकी प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। विभाग ऐसे केंद्रों की सूची तैयार कर आज व कल में जिला मुख्यालय भेजेगा। विभाग का कहना है कि इन केंद्रों को प्राथमिक विद्यालय में बाल वाटिका के रूप में सक्रिय किया जाएगा।
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इसका मुख्य उद्देश्य तीन से छह वर्ष के बच्चों काे शैक्षणिक एवं गतिविधि आधारित माहौल प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए तैयार करना है। वहीं शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों की 200 मीटर की परिधि में किराए या सहयोग से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट करने की तैयारी है। 15 अगस्त के पूर्व यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विद्यालय में इन केंद्रों के शिफ्ट होने पर बिजली की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षित व निर्धारित स्थान तथा शुद्ध पेयजल, सुलभ शौचालय और खेलने के लिए स्थान सुलभ होगा।
अरुण कुमार दुबे, डीपीओ, कुशीनगर
कुशीनगर में आंगनबाड़ी केंद्रों का स्कूलों में होगा विलय बच्चों को मिलेगा बेहतर माहौल