यूपी की इस तहसील में 22 गावों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, जमीन के सर्वे में जुटे लेखपाल
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे कुशीनगर की हाटा तहसील के 22 गांवों से होकर गुजरेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जमीन चिह्नित करने के बाद, तहसील ...और पढ़ें

HighLights
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे हाटा तहसील के 22 गांवों से गुजरेगा।
प्रभावित भूमि और किसानों के मुआवजे के लिए सर्वे शुरू हुआ।
किसान भविष्य और आजीविका को लेकर चिंतित हैं, खासकर छोटे।
जागरण संवाददाता, कुशीनगर। गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे हाटा तहसील के 22 गावों से होकर गुजरेगी, जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जमीन को चिंहित करने के बाद अब तहसील प्रशासन ने संबंधित गावों में प्रभावित होने वाली भूमि व किसानों का सर्वे कराना शुरू कर दिया है, जिसके आधार पर किसानों को भूमि का मुआवजा मिल सकेगा।
तहसील क्षेत्र के गांव पटनी, हासखोर, मुंडेरा, रामपुर, वेंदुआर, खोट्ठा, छपिया, विशुनपुरा, नवापार, महुअवां, सिकटा,मंगलपुर उर्फ मंगरूआ, पैकौली, पट्टन, सोनबरसा, धर्मपुर, अथरहां, सिकटिया, मुहम्मदा जमीन सिकटिया, झांगा, बेलवा सुदामा व परसौनी में पैमाइश के लिए लेखपाल संजय गुप्ता, राजूभारती, सरफराज अहमद,धीरेंद्र राम, नीरज कांत, सच्चिदानन्द शर्मा, चंद्रहास सिंह, सुनीता सिंह, चंद्रप्रताप सिंह, नितिन उपाध्याय, राकेश लाल श्रीवास्तव व नवीन मिश्र को जिम्मेदारी दी गई है।
एक्सप्रेसवे से प्रभावित होने वाले किसान अपने भविष्य को लेकर उहापोह में हैं। कितनी जमीन निकलेगी, जीवन यापन के लिए क्या सहारा होगा। किसानों को यह चिंता सता रही है। बेलवा सुदामा निवासी आनन्द सिंह ने कहा कि जमीन जाने का दुख तो रहेगा। लेकिन विकास कार्यों के लिए जमीन देना मजबूरी है।
रामपुर पौटवा निवासी मोहन सिंह, रामबड़ाई चौरसिया ने कहा कि सबसे अधिक नुकसान छोटे किसानों का होगा। कई किसानों की पूरी पूरी जमीन ही निकल जा रही है। उपजिलाधिकारी योगेश्वर सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार पैमाइश कराकर रिपोर्ट देना है। उच्चाधिकारियों के निर्देश का पालन किया जायेगा।