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    कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाए गए 1000 नेपाली बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू, STF ने शुरू की जांच

    Updated: Sat, 30 May 2026 06:11 PM (IST)

    कुशीनगर में नेपाल दूतावास की पहल पर एक हजार नेपाली बच्चों को शोषण से बचाकर स्वदेश भेजा गया है। ये बच्चे कसया में एक संस्था द्वारा प्रशिक्षण के नाम पर ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, कुशीनगर। भारत में नेपाल के दूतावास की पहल पर कुशीनगर से सुरक्षित रेस्क्यू कर एक हजार नेपाली बच्चे स्वदेश भेजे गए हैं। यह बच्चे कसया में संचालित एक नेपाली संस्था में पिछले पांच माह से प्रशिक्षण ले रहे थे।

    कुछ बच्चों ने दूतावास में प्रशिक्षण एवं नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर अवैध वसूली एवं उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत की तो दिल्ली से उच्चाधिकारियों की टीम शुक्रवार की शाम कसया पहुंची। जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर रात भर चली कार्रवाई के बाद सुबह आठ बसों से उन्हें सोनौली नेपाल बार्डर पर छोड़ा गया। संचालक फरार हैं।

    एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम के अतिरिक्त मुकामी पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी है। कसया के सपहां मार्ग स्थित बिहार के कटेया निवासी अरविंद शर्मा के मकान में विनस्पायर वर्ल्ड कंपनी बीते जनवरी माह से संचालित थी। इसमें काफी संख्या में नेपाली युवक-युवतियां फैशन डिजाइनिंग, मार्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहे थे।

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    बताते हैं कि इन बच्चों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर यहां लाया गया था। उनसे प्रशिक्षण के नाम पर धन उगाही के अतिरिक्त उत्पीड़न भी किया जा रहा था। कुछ बच्चों ने इसकी शिकायत नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास को की तो दूतावास के अधिकारी अंबिका जोशी के नेतृत्व में एसएसपी प्राणेश मल्ल व सहारा चापा गायत्रिति की तीन सदस्यीय टीम यहां पहुंची।

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    डीएम महेंद्र सिंह तंवर व एसपी केशव कुमार से वार्ता के बाद एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ कुंदन सिंह, प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, एसओजी, सर्विलांस टीम को साथ लेकर वह रात 9 बजे प्रशिक्षण केंद्र पर पहुंचे तो सेंटर बंद मिला। संचालक भी फरार था।

    शिकायतकर्ताओं को बुलाकर जानकारी ली गई तो नगर के विभिन्न वार्डों में किराये का कमरा लेकर रह रहे 453 नेपाली युवक-युवती बरामद किए गए। सुबह उन्हें आठ बसों में बैठाकर पुलिस की निगरानी में सोनौली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ले जाकर नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया।

    सीओ कुंदन सिंह ने कहा कि 453 नेपाली बच्चों को सकुशल बरामद कर सोनौली में नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है। संचालक फरार है। कुछ और बच्चे नगर के विभिन्न हिस्सों में अभी रह रहे हैं। उनकी तलाश कराई जा रही है। मामले में पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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    बच्चों का फूटा आक्रोश, अधिकारी का वाहन क्षतिग्रस्त

    कसया से सोनौली जाते समय मार्ग में नेपाली प्रशिक्षुओं का आक्रोश भड़क उठा। कसया से बस दो किमी. आगे बढ़ी थी कि रामकोला मार्ग स्थित बेलवा गांव के सामने वाहन रोक कर प्रशिक्षु बच्चे सड़क पर उतर गए। कार्रवाई में विलंब का आरोप लगाते हुए साथ चल रहे नेपाल पुलिस के एक अधिकारी के लग्जरी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को समझा बुझाकर शांत कराया और उन्हें बस में बैठाकर गंतव्य को रवाना किया।

    पुलिस तलाश रही लोकल कनेक्शन, कई की बढ़ी धड़कने

    नेपाल से आकर कसया में कोई संस्था चलाए और उसका लोकल कनेक्शन न हो ऐसा हो नहीं सकता। चेन मार्केटिंग सिंडिकेट और ऑनलाइन ठगी से जुड़ी गतिविधि में शामिल प्रशिक्षण केंद्र संचालक यहां कैसे आया।

    स्थानीय स्तर पर उसे किससे मदद मिल रही है, कौन संरक्षण दे रहा है। इन तथ्यों की जांच पुलिस कर रही है। इसे लेकर सेंटर संचालक के संपर्क में रहने वाले कई लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह ने बताया कि मामले में छानबीन की जा रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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