गंगा तोड़ सकती है किनारों की तटबंदी, कासगंज में खतरे के निशान के करीब जलस्तर, सिंचाई विभाग अलर्ट
कासगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जो लगातार बढ़ रहा है। इससे कई तटवर्ती गांव टापू बन गए हैं, बिजली गुल है और संपर ...और पढ़ें
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कासगंज में सोमवार शाम हिलोरे मारतीं गंगा नदी की लहरें।
जागरण संवाददाता, कासगंज। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच कासगंज जिले में जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सिंचाई विभाग की ओर से सोमवार 10 अगस्त को सुबह चार बजे जारी बाढ़ सूचना प्रपत्र के अनुसार कछला ब्रिज पर गंगा का वर्तमान जलस्तर 162.36 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 162.40 मीटर निर्धारित है।
इस तरह जलस्तर खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर नीचे है। पिछले दिन की तुलना में जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार पिछले चार दिनों से गंगा के जलस्तर पर प्रतिदिन चार से पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है।
जिस तरह से गंगा का जलस्तर में वृद्धि होती जा रही है, उसी तरह से तटवर्ती इलाके के ग्राम पानी भर जाने से टापू बनते जा रहे हैं। पानी भर जाने से विद्युत व्यवस्था ठप्प हो गई है। ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीण गांव में सूर्या प्लेटे लगवाए जाने की शासन प्रशासन से मांग कर रहे हैं।
गांवों के चारों ओर भरा गंगा का पानी, संपर्क मार्ग टूटे
पटियाली तहसील क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे नगला मूजखेड़ा, नगला दर्जन, नगला खना, नगला हंसी, नरपत नगला, नगला पदम, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा और दुर्जन नगला गांवों के चारों ओर गंगा का पानी भर गया है। बाढ़ के पानी के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी पानी के तेज बहाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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इससे ग्रामीणों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंधों के साथ-साथ संपर्क मार्गों को भी ऊंचा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष गंगा का जलस्तर बढ़ने पर गांवों में पानी भर जाता है और आवागमन बाधित हो जाता है। नगला दुर्जन से नगला नरपत तक पुलिया टूट जाने के बाद नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं।
कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर वर्तमान में खतरे के निशान से नीचे है और पिछले दिन की तुलना में इसमें बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। नरौरा में भी जलस्तर में गिरावट है। विभाग द्वारा नदी के जलस्तर और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी की जा रही है। स्थिति पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष से नजर रखी जा रही है।
- संदीप जैन, एसडीओ, कासगंज।