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    कासगंज: 30 साल पहले भी नहीं निकालने दी थी आंबेडकर शोभायात्रा, पुलिस को गहरी साजिश का शक

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 09:04 AM (IST)

    छतों पर पहले से पत्थर जमा थे और महिलाओं ने भी पथराव किया। पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और मास्टरमाइंड की तलाश जारी है, जिसमें गहरी साजिश की आ ...और पढ़ें

    गांव में पुलिस बल के साथ मौजूद एसडीएम एसएन त्रिपाठी। जागरण

    गांव में पुलिस बल के साथ मौजूद एसडीएम एसएन त्रिपाठी। जागरण 

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    संवाद सहयोगी, सहावर (कासगंज)। सहावर क्षेत्र के गांव चहका गुनार में 30 साल पहले भी आंबेडकर शोभायात्रा निकाली गई और उस समय भी बवाल हुआ था। गांव के लोग बताते हैं कि शोभायात्रा रोक दी गई थी। इसके बाद अब फिर से घटना की पुनरावृत्ति हुई है। पुलिस को गहरे षड़यंत्र की आशंका है, इसलिए बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस इसे शोभायात्रा पर सुनियोजित हमला मान रही है।

    छतों पर पहले से ही जमा थे ईंट-पत्थर

    आंबेडकर जयंती पर 50 से अधिक शोभायात्राएं निकाली जा रहीं थीं और सभी यात्राओं में पुलिस बल की तैनाती की गई की। इससे पहले पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर कमर कसे था और शहरी, कस्बाई व ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर फ्लैग मार्च निकाला जा रहा था, इसके बावजूद भी बड़ी घटना हो गई।

    महिलाओं ने भी खोल दिया था मोर्चा

    गांव के लोगों का कहना है कि पहले से ही यह योजना तैयार कर ली गई थी कि गुनार में शोभायात्रा को नहीं आने दिया जाएगा। इसको लेकर जहां शोभायात्रा रोकी गई, वहां दूसरे पक्ष की भीड़ मौजूद थी, जिसने मार्ग अवरुद्ध कर दिया था, ताकि यात्रा आगे न बढ़ सके। इस बात को लेकर जब हंगामा होने लगा तो बवाल अधिक बढ़ गया। जिस समय यह घटना हुई, उस समय पुलिस फोर्स कम था।

    पुलिस को सुनियोजित षड़यंत्र की आशंका

    सूचना मिलने पर कई थानों का फोर्स तत्काल मौके पर भेज दिया गया। पुलिस के सामने भी पथराव होता रहा। पुलिस कर्मियों का कहना है कि गांव की महिलाएं छतों पर चढ़ गईं थीं, जहां से वे ईंट-पत्थर फेंक रहीं थीं। यह सब यूं ही नहीं हो सकता। घटना को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर योजना किसने तैयार की।

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    मास्टर माइंड की तलाश में जुटी पुलिस

    मास्टर माइंड कौन है। पुलिस कर्मियों पर हमले का दुस्साहस किन लोगों ने किसकी शह पर दिखाया। अगर यह घटना राजनीतिक साजिश के तहत हुई तो इसका सूत्रधार कौन है। पुलिस द्वारा जो दस लोग पकड़े गए हैं उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है।

    एसपी ओपी सिंह ने भी खुलकर बोला है कि यादव समाज के कुछ लोगों ने पुलिस और शोभायात्रा पर हमला किया है। घटना के पीछे गहरी साजिश की आशंका है।

    पथराव के चलते छिपकर बचाई जान

    शोभायात्रा निकालने वाले लोगों का कहना है कि हम लोग नीचे फंस गए थे और ऊपर से पत्थर फेंके जा रहे थे, इस कारण छिपकर जान बचानी पड़ी। जब अधिक तादात में पुलिस बल पहुंच गया तब शोभायात्रा निकाली जा सकी। हमले में सिपाही घायल हुआ है, जबकि लगभग आधा दर्जन लोगों के भी चोटें आईं हैं। रात में ही मेडिकल कराया जा रहा है।

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